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'कोर्स के दौरान शादी नहीं कर सकती...', बिहार में बवाल के बाद नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर को वापस लेना पड़ा फैसला

नर्सि‍ंग कॉलेज का ये आदेश कॉलेज की दीवारों पर चस्पा किया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. मामले की जांच के लिए डीएम पवन कुमार सिन्हा ने हथुआ एसडीएम को निर्देश दिए हैं. सिविल सर्जन ने इस आदेश को रद्द कर प्राचार्या से स्पष्टीकरण मांगा है.

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गोपाल गंज का वो नर्स‍िंग सेंटर जहां प्रश‍िक्षुओं के ल‍िए आया अजब फरमान (Photo:Screengrab)
गोपाल गंज का वो नर्स‍िंग सेंटर जहां प्रश‍िक्षुओं के ल‍िए आया अजब फरमान (Photo:Screengrab)

बिहार के गोपालगंज के हथुआ जी एन एम प्रशिक्षण संस्थान (नर्सिंग कॉलेज) के प्राचार्य ने एक ऐसा फरमान जारी किया जिससे छात्राओं की प्रशिक्षण दौरान शादी करना प्रतिबंधित है . इतना ही नहीं शादी करने पर नामांकन रद्द करने की चेतावनी तक दी गई है. 

मामला हथुआ अनुमण्डल के जीएनएम कॉलेज का है. कॉलेज प्रशासन ने इस आदेश का नोटिस कॉलेज के दीवारों पर चस्पा करा दिया है, जो सोशल मीडिया पर आज से तेजी में वायरल हो रहा है. नोटिस वायरल होने के बाद गोपालगंज डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जांच के आदेश दिए हैं. 

नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं की प्रशिक्षण दौरान शादी करने के आदेश पर प्राचार्या मानसी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार छात्राओं के नामांकन के समय ही घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया जाता है. घोषणा पत्र में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि नामांकित छात्राएं प्रशिक्षण अवधि के तीन वर्ष तक शादी नहीं करेगी. यहां शैक्षणिक सत्र के दौरान शादी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

प्राचार्या का कहना है कि नर्सिंग की शिक्षा आवासीय होती है जहां छात्राएं स्कूल प्रशासन की निगरानी में रहकर पढ़ाई करती हैं. इस स्थिति में अगर वे शादी कर लेती हैं तो उनकी पढ़ाई में रुकावट आ सकती है. इसलिए यह नियम विभाग के द्वारा पूर्व से ही लगाया गया है. बता दें कि यह नियम एएनएम तथा जीएनएम दोनों संस्थानों में छात्राओं के लिए लागू किया गया है.

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DM ने दिया जांच का आदेश

वहीं, डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल नोटिस की जांच कराने के लिए हथुआ एसडीएम को निर्देश दिया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने कहा है कि 24 घंटे में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए.

आदेश को सिविल सर्जन ने किया रद्द
गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉक्टर बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि आज अनजान कॉल आया था जिसके बाद जांच की गई तो ये पूरा मामला सामने आया. जीएनएम प्रश‍िक्षुओं के ल‍िए प्राचार्य द्वारा निर्गत आदेश को रद्द कर दिया गया है. इसके साथ ही प्राचार्य से स्पष्टीकरण की मांग की गई हैं.संतोषप्रद उतर नहीं मिला तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

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