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India Today Education Summit : शिक्षा सचिव अमित खरे ने बताया NEP पर सरकार का नया प्‍लान

India Today Education Summit 2020: जरूरी फंड्स के लिए निजी क्षेत्रों के निवेश के दरवाजे खुले रहेंगे मगर हमेशा की तरह इससे लाभ कमाने का मौका नहीं दिया जाएगा. उन्‍होंने इस बात को दोहराया कि शिक्षा लाभ का उपक्रम नहीं है.

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Education Secretary Amit Khare
Education Secretary Amit Khare
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंडिया टुडे एजुकेशन समिट में शामिल हुए शिक्षा सचिव
  • NEP पर शिक्षा सचिव ने बताया सरकार का प्लान

India Today Education Summit 2020: डिपार्टमेंट ऑफ स्‍कूल एजुकेशन एंड लिट्रेसी तथा डिपार्टमेंट ऑफ हॉयर एजुकेशन के सेक्रेटरी अमित खरे ने कहा कि बुनियादी सुधार बेहद जरूरी हैं. उन्‍होंने कहा कि एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स में एडमिशन के लिए कट-ऑफ स्कोर बढ़ता ही जा रहा है जिसकी वजह से 12वीं तक की स्‍कूली पढ़ाई में छात्रों का पूरा ध्‍यान ज्‍यादा से ज्‍यादा नंबर लाने में रहता है. इसमें बदलाव की जरूरत है.

अमित खरे ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी छात्र के सभी सब्‍जेक्‍ट्स में 100 में से 100 नंबर हैं, तो इसका यह अर्थ नहीं कि वह बेस्‍ट स्‍टूडेंट है. इसीलिए जरूरी है कि CBSE की मार्किंग और असेस्‍मेंट सिस्‍टम में बदलाव किया जाए. नए बदलावों के बाद छात्रों को केवल उसके नंबरों के आधार पर असेस नहीं किया जाएगा, बल्कि उसकी समझ, बिहेवियर और अन्‍य सभी बातों के आधार पर किया जाएगा. 

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इस सवाल के जवाब में इन बदलावों के लिए जरूरी फंड्स की जरूरत कैसे पूरी होगी,  उन्‍होनें कहा कि ग्राउंड लेवल पर बदलावों के लिए रिफॉर्म की जरूरत है न कि फंड्स की. हालांकि, फंड्स की जरूरत को पूरी तरह नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता मगर यह एक किस्‍म के सोशल रिफॉर्म हैं जो एजुकेशन सिस्‍टम में ग्राउंड लेवल पर बदलाव लाने के लिए किए जाने हैं और इसके लिए केवल नए नियम लागू करने और नई तरह की सोच रखने की ही जरूरत है. 

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जरूरी फंड्स के लिए निजी क्षेत्रों के निवेश के दरवाजे खुले रहेंगे मगर हमेशा की तरह इससे लाभ कमाने का मौका नहीं दिया जाएगा. उन्‍होंने इस बात को दोहराया कि शिक्षा लाभ का उपक्रम नहीं है. एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स के एल्‍यूमिनाई का इंवेस्‍ट करने के लिए स्‍वागत होगा और यह पहले ही बताया जा चुका है कि शिक्षा में निवेश के लिए देश की GDP के 6 प्रतिशत हिस्‍सा लिया जाएगा. अभी तक देश में एजुकेशन सेक्‍टर में GDP का केवल 3 प्रतिशत हिस्‍सा खर्च होता है.

समिट को लाइव देखने के लिए यहां क्लिक करें

 

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