scorecardresearch
 
Advertisement
एजुकेशन न्यूज़

कभी खराब हैंडराइट‍िंग पर टीचर ने काटे थे नंबर... फिर डॉक्टर से IAS बनीं अपराजिता की कहानी जान‍िए

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 1/10

खराब हैंडराइटिंग के कारण टीचर्स के ताने सुनने से लेकर, तैयारी के दौरान गंभीर बीमारी और फ्रैक्चर जैसी बाधाओं को मात देने वाली अपराजिता की कहानी संघर्ष और जीत की अद्भुत मिसाल है. आइए, स्लाइड-दर-स्लाइड जानते हैं कि कैसे एक छोटे से संकल्प ने उनकी पूरी दुनिया बदल दी.
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 2/10

कौन हैं अपराजिता सिनसिनवार?
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अपराजिता सिनसिनवार ने साल 2018 की UPSC परीक्षा में 82वीं रैंक हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहराया. लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था..
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 3/10

एक समय स्कूल में 'एवरेज स्टूडेंट' मानी जाने वाली अपराजिता ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य तय हो, तो पिछला रिकॉर्ड मायने नहीं रखता. 

Advertisement
IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 4/10

डॉ. अपराजिता के दोनों छोटे भाई, उत्कर्ष और आयुष भी एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल कर चुके हैं. अपराजिता ने हरियाणा के रोहतक में अपने नाना-नानी के घर में रहकर पढ़ाई की है.

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 5/10

डॉक्टर बनने के बाद भी नहीं रुकीं
अपराजिता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद PGIMS से MBBS की डिग्री हासिल की और डॉक्टर बनीं. डॉक्टरी के पेशे में होने के बावजूद उनका बचपन का सपना 'IAS अफसर' बनने का था. साल 2017 में उन्होंने पहली बार UPSC की परीक्षा दी, हालांकि पहली कोशिश में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 6/10

जब खराब हैंडराइटिंग बनी चुनौती
अपराजिता बताती हैं कि वह शुरुआत से बहुत ब्रिलिएंट स्टूडेंट नहीं थीं. उनकी हैंडराइटिंग इतनी खराब थी कि स्कूल में टीचर्स अक्सर टोकते थे. एक बार तो एक टीचर ने लिखावट समझ न आने पर नंबर देने तक से मना कर दिया था. यही वह पल था, जिसने अपराजिता के भीतर बदलाव की अलख जगाई.
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 7/10

नाना की प्रेरणा और वो 'लाल बत्ती' वाली गाड़ी
अपराजिता का पालन-पोषण उनके ननिहाल में हुआ. आईएएस बनने का विचार उनके मन में तब आया जब बचपन में उन्होंने नाना के साथ जाते हुए एक प्रशासनिक अधिकारी की गाड़ी देखी. नाना ने बताया कि यह अफसर लोगों की समस्याएं सुलझाते हैं. बस, वहीं से नन्हीं अपराजिता ने ठान लिया कि उन्हें भी समाज सेवा के इस रास्ते पर चलना है.
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 8/10

बीमारी और फ्रैक्चर भी नहीं रोक पाए कदम
UPSC की तैयारी के दौरान अपराजिता ने कई शारीरिक मुश्किलों का सामना किया. उन्हें पहले चिकनगुनिया हुआ और फिर पैर में फ्रैक्चर हो गया. डॉक्टर की ड्यूटी और बीमारी के बीच संतुलन बनाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी. उनका मानना है कि अगर आप खुद से कमिटमेंट कर लें, तो कोई भी बाधा आपको डिगा नहीं सकती.
 

IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 9/10

नाम के अनुरूप 'अपराजिता' (जिसे कोई जीत न सके)
बचपन में शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनके हौसले हमेशा बुलंद रहे. उनके नाना ने उनकी इसी कभी न हारने वाली फितरत को देखकर उनका नाम 'अपराजिता' रखा था.
 

Advertisement
IAS अपराजिता (Photo: Aprajita Insta)
  • 10/10

आज वह न केवल एक सफल आईएएस अधिकारी हैं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए मिसाल हैं जो खुद को औसत मानकर बड़े सपने देखने से कतराते. 

Advertisement
Advertisement