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स्‍वामी विवेकानंद ने महिलाओं के उत्‍थान के लिए दी थी ये बड़ी सीख, युवाओं के लिए है मार्गदर्शक

स्‍वामी विवेकानंद एक आध्‍यात्मिक गुरू होने के साथ ही एक कुशल वक्‍ता और देशभक्‍त भी थे. उन्‍होंने भारतीय वेद-पुराणों को पूरे विश्‍व में पहचान दिलाई. उनका पूरा जीवन ही युवाओं के लिए एक शिक्षा है. आइये बताते हैं महिलाओं के उत्‍थान पर दी हुई उनकी सीख.

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Swami Vivekanand
Swami Vivekanand

Swami Vivekanand: देश हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाता है. यह दिन स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है जो भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली व्‍यक्तित्‍वों में से एक थे. यह वर्ष 1984 की बात है जब भारत सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था और राष्ट्र इसे 1985 से हर वर्ष मना रहा है.

स्‍वामी विवेकानंद देश की सबसे महान आध्‍यात्मिक शख्सियतों में से एक थे. वह एक आध्‍यात्मिक गुरु होने के साथ ही एक कुशल वक्‍ता और देशभक्‍त भी थे. उन्‍होंने भारतीय वेद-पुराणों को पूरे विश्‍व में पहचान दिलाई. उनका पूरा जीवन ही युवाओं के लिए एक शिक्षा है. उनके जन्‍मदिन के मौके पर आपको बताते हैं महिलाओं के उत्‍थान पर दी हुई उनकी ये सीख-

महिलाओं के उत्‍थान पर दी थी सीख
एक बार, एक समाज सुधारक विवेकानंद के पास गए और उनसे पूछा, "यह बहुत अच्छा है कि आप महिलाओं के उत्‍थान में भी विश्‍वास करते हैं. मैं भी करता हूं. आप मुझे बताएं कि महिलाओं के उत्‍थान के लिए मैं क्या करूं?' इस सवाल के जवाब में विवेकानंद ने कहा, "हैंड्स ऑफ, आपको उनके बारे में कुछ नहीं करना है. बस उन्हें अकेला छोड़ दो. उन्हें जो करना है वह खुद करेंगी. यही सबसे जरूरी बात है. ऐसा नहीं है कि पुरुष को स्त्री को सुधारने की जरूरत है. अगर वह यह सोच छोड़ दे तो महिलाएं वही करेंगी जो उनके लिए बेहतर है.

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