झारखंड में 5 साल बाद होने जा रही 7वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को उम्र सीमा में छूट दी गई है. अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में 4 साल 7 महीने तक की छूट का लाभ मिल सकेगा. झारखंड के कैबिनेट ने बुधवार को इसे मंजूरी दी है.
जेपीएससी में अधिकतम कट ऑफ डेट 1 अगस्त 2016 और न्यूनतम 1 मार्च 2021 होगा. ऐसा होने से अधिक उम्र के अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट का लाभ मिल पाएगा. 5 साल बाद हो रही जेपीएससी परीक्षा में उम्र सीमा में छूट के लिए उम्मीदवार लगातार आंदोलनरत थे. कई नेताओं ने इसके लिए सरकार से अनुशंसा भी की थी.
हम राह भी बना रहे हैं और मंजिल भी सुनिश्चित कर रहे हैं: हेमंत सोरेन
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले 20 सालों से राज्य उल्टा पांव चल रहा था, ना राह ना मंजिल बस चलते जाना है यही हाल था. हम राह भी बना रहे हैं और मंजिल भी सुनिश्चित कर रहे हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि जेपीएससी को पहली बार उसकी नियमावली मिली है. 2016 में आखिरी बार जेपीएससी का एग्जाम हुआ था.
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ऐसे में राज्य के पढ़े-लिखे नौजवानों की कितनी दुर्गति हुई या किसी से छुपी हुई नहीं है. इसको बेहतर करने का जो फार्मूला हमारे पास था उसको करने का प्रयास किया है. हेमंत सोरेन ने उम्मीद जताई कि इसका लाभ अधिक से अधिक पढ़े-लिखे नौजवानों को मिले. फिलहाल जे पी एस सी की परीक्षा में बैठने वाले सभी को इसका लाभ मिलेगा.
JPSC के बारे में जानें
बता दें कि झारखंड राज्य 15 नवंबर, 2000 को बिहार के 18 जिलों को जोड़कर अस्तित्व में आया. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन झारखंड के गवर्नर द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत किया गया था.
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) राज्य में सरकारी पदों के लिए भर्ती करने के लिए एक आयोग को पूरी तरह से जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का मुख्य उद्देश्य राज्य में किसी भी सरकारी पदों के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित करना है. लेकिन 2016 के बाद से अब सातवीं बार जेपीएससी का एग्जाम होने जा रहा है.
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