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झूठी डिग्रियों ने छीन ली दिग्गज़ों की नौकरी

अगर आपको लगता है कि आप फर्जी डिग्री के सहारे आप अच्छी नौकरी पा सकते हैं और जल्दी ही ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं तो आप गलतफहमी के शिकार हैं आइए हम आपको बड़ी कंपनियों में काम करने वाले कुछ ऐसे नाम गिनाते हैं जिनके एक झूठ ने उनकी नौकरी, बड़ी तनख़्वाह, एशो आराम सब छीन लिए.

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अगर आपको लगता है कि आप फर्जी डिग्री के सहारे आप अच्छी नौकरी पा सकते हैं और जल्दी ही ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं तो आप गलतफहमी के शिकार हैं.  आइए हम आपको बड़ी कंपनियों में काम करने वाले कुछ ऐसे नाम गिनाते हैं जिनके एक झूठ ने उनकी नौकरी, बड़ी तनख़्वाह, एशो आराम सब छीन लिए.

1. डेविड टोवर (2014)

नौकरी और पद: वाइस प्रेसिडेंट, संचार, वालमार्ट
झूठ जो बोला: डेविड ने बताया कि उन्होंने डेलावेयर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. जबकि उनके पास ऐसा कुछ भी नहीं था.
कैसे पकड़े गए: सितंबर 2011 में वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर प्रमोशन के दौरान उनके बारे में जब बाहर से जानकारी हासिल की गई तो सारी पोल खुल गई.
अब: डेविड ने कंपनी छोड़ दी.

2. स्कॉट थॉम्पसन (2012)

नौकरी और पद: सीईओ, याहू!
झूठ जो बोला: अकाउंटिंग और कम्प्यूटर साइंस में स्टोनहिल कॉलेज से डिग्री प्राप्त. असलियत में उनके पास डिग्री सिर्फ अकाउंटिंग की थी.
कैसे पकड़े गए: याहू के शेयर होल्डर ने डेनियल एस. लोएब ने उनके बारे में असलियत का पता करा जब जनवरी 2012 में सीईओ चुने गए.
अब: एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट (शॉप रनर) के सीईओ.

3. रॉबर्ट इरविन (2008)



नौकरी और पद:
फूड नेटवर्क डिनर इम्पॉसिबल के होस्ट.
झूठ जो बोला:
रॉबर्ट ने दावा किया था कि उन्होंने डायना और चार्ल्स की शादी का केक तैयार किया था. असल में उन्होंने सिर्फ केक के लिए फलों को चुना था.
कैसे पकड़े गए:
अख़बार सेंट पीटर्सबर्ग में छपे एक आर्ट‌िकल में उनके दावे को विवादित बताया गया. इसके चलते फूड नेटवर्क को जांच बैठानी पड़ी.
अब: विवाद के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. हालांकि एक साल बाद उनकी दोबारा वापसी हुई.

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4. डेव ऐडमॉन्डसन (2006)

नौकरी और पद: सीईओ, रेडियो शैक
झूठ जो बोला: साइकोलॉजी और थिओलॉजी में कैलिफॉर्निया के कॉलेज से डिग्री. जबकि वास्तव में उन्होंने सिर्फ दो सेमेस्टर पूरे किए थे.
कैसे पकड़े गए: अख़बार टेलिग्राम ने जब उनकी डिग्री के बारे सच्चाई जानी तो पोल खुल गई.
अब: संस्थापक और सीईओ ई-साइक‌िलिंग कॉर्प.

5.रोनाल्ड जैरेला (2002)

नौकरी और पद: सीईओ, बॉश एंड लॉम्ब
झूठ जो बोला: रोनाल्ड ने बताया कि उनके पास न्यूयोर्क के स्टेर्न स्कूल से एमबीए की ‌डिग्री है. सच्चाई ये थी उन्होंने खाली एडमिशन लिया था, पूरा नहीं कर पाए थे.
कैसे पकड़े गए: सीईओ बनने के बाद उनके कॉलेज की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के चलते ये वास्तविकता सामने आई.
अब: नौकरी से तो नहीं निकाले गए, लेकिन अभी दो कंपनियों में विशेष सलाहकार हैं.

6. केनेथ लोनचर (2002)

नौकरी और पद: चीफ फाइनेंस ऑफिसर, वेरिटस
झूठ जो बोला: अपनी शिक्षा के बारे में झूठ बोला. उन्होंने बताया कि उनके पास एरिज़ोना यूनिवर्सिटी से अकाउंटिंग की डिग्री और स्टेनफोर्ड से एमबीए डिग्री हासिल है.
कैसे पकड़े गए: एक अज्ञात ईमेल से कंपनी को इस बारे में जानकारी मिली और जांच बैठी तो केनेथ दोषी पाए गए.
अब: कहां हैं, किसी को नहीं पता.

7. जॉर्ज ओ'लेयरी (2001)

नौकरी और पद: हेड कोच, नोटरे डैम फुटबॉल
झूठ जो बोला: अपनी मास्टर डिग्री के बारे में झूठ बोला और बताया कि वो कॉलेज में शानदार खिलाड़ी थे, जबकि उन्होंने एक मैच भी नहीं खेला था.
कैसे पकड़े गए: द यूनियन लीडर ने सच का पता लगाया
अब: हेड कोच, सेंट्रल फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी.

सौजन्य: NEWSFLICKS

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