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सीआईडी

निर्भया के दोषियों को 7 साल बाद फांसी के फंदे तक खींच ही लाया कानून

21 मार्च 2020

सात साल से देश निर्भया को इंसाफ दिलाने की जंग लड़ रहा था. आखिरकार इंसाफ की वो सुबह आ ही गई, जब निर्भया गैंग रेप और मर्डर केस के चारों गुनहगार- अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश कुमार को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुबह के ठीक साढे पांच बजे फांसी पर लटका दिया गया. निर्भया की मां आशा देवी और उनके परिवार को बरसों से इस लम्हे का इंतजार था. लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति की चौखट, दांव पेंच, कानूनी पैंतरें. क्या कुछ नहीं देखा देश ने. इन सबको पार पाते हुए निर्भया के दोषियों को कानून फांसी के फंदे तक खींच लाया.

नि‍र्भया के दोषि‍यों को सजा-ए-मौत तय, लंबे वक्त के बाद आया ये फैसला

19 मार्च 2020

कल सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड जेल में निर्भया के दोषियों की फांसी करीब करीब तय है. दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने जैसे ही दोषियों के डेथ वारंट पर रोक की अर्जी को खारिज की. वैसे ही साफ हो गया कि इन सभी दोषियों को फांसी तय हो गई है. दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने जैसे ही दोषियों के डेथ वारंट पर रोक की अर्जी को खारिज की, वैसे ही साफ हो गया कि इन सभी दोषियों को फांसी तय हो गई है. दोषियों के वकील एपी सिंह ने दोषियों को बचाने के लिए कई पैंतरे आजमाए हैं, लेकिन धीरे-धीरे सभी फेल हो गए. सुप्रीम कोर्ट ने भी आज पवन गुप्ता की नाबालिग होने की दलील को भी खारिज कर दिया. हालांकि दोषियों की वकील एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट से डेथ वारंट को स्टे कराने के लिए लगाई गई अर्जी खारिज होने के बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है.

अमित शाह बोले- हिंसा पर काबू के लिए दिल्ली पुलिस की प्रशंसा करता हूं

12 मार्च 2020

दिल्ली में दंगे को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री ने लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पुलिस ने दंगे को दिल्ली में फैलने नहीं दिया. उनके मुताबिक ये हिंसा दिल्ली के चार फीसदी और 13 फीसदी आबादी में सीमित रखने का काम पुलिस ने किया. पुलिस की सतर्कता की वजह से 12 थानों में हिंसा रुकी रही। उन्होंने कहा कि भड़काने का काम हर जगह हुआ. पुलिस की जिम्मेदारी थी हिंसा को रोकना. 24 फरवरी को 2 बजे के आसपास पहली सूचना मिली, उसके बाद 25 फरवरी को रात 11 बजे आखिरी सूचना मिली. दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में हिंसा को समेटने का काम किया. अजीत डोभाल के हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे कहने पर अजीत डोभाल वहां गए थे. वो जाता तो पुलिस उनकी सुरक्षा में लगती. उन्होंने कहा कि जिस तरह से दंगों को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश किया गया था, उससे लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि 25 फरवरी को रात 11 बजे के दिल्ली में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई.

दिल्ली हिंसा का सच आएगा सामने, 7 दिन की रिमांड पर ताहिर हुसैन

06 मार्च 2020

आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या के आरोपी निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम ने शुक्रवार देर शाम कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंची. सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे 7 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. गौरतलब है कि ताहिर हुसैन गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर करने के लिए पहुंचा था, जहां पर दिल्ली पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. ताहिर ने इससे पहले कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था. बता दें कि दिल्ली हिंसा के आरोपी ताहिर हुसैन की कॉल डिटेल से कुछ बड़े खुलासे हुए हैं. इस खुलासे से अंकित शर्मा मर्डर केस में उसकी और मुश्किलें बढ़ सकती हैं. देखिए सीआईडी में बड़ी खबरें.

कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का केस चलाने को दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

29 फरवरी 2020

सीपीआई नेता और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की मुश्किलें बढ़ गई है. दिल्ली सरकार ने देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. केजरीवाल सरकार ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को मंजूरी दी है. गुरुवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने जेएनयू के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का केस चलाने की मंजूरी दे दी थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केजरीवाल सरकार से कन्हैया कुमार के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मांगी थी, जिसकी फाइल काफी समय से लटकी हुई थी. हाल ही में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को फिर से निर्देश दिया था कि वो केजरीवाल सरकार से मामले में अपना रुख साफ करने को कहे. देखिए सीआईडी.

सीआईडी: दिल्ली हिंसा की जांच करेगी एसआईटी, दो टीमें बनाई गईं

27 फरवरी 2020

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद गुरुवार शाम को विशेष जांच दल का गठन किया गया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के तहत दो एसआईटी बनाई गई हैं. इनका नेतृत्व डीसीपी जॉय टिर्की और डीसीपी राजेश देव करेंगे. इसके अलावा दिल्ली हिंसा में दर्ज की गईं सभी एफआईआर एसआईटी को ट्रांसफर कर दी गई हैं. बता दें कि रविवार, सोमवार और मंगलवार को हुई हिंसा में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है. जबकि 200 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं. स्थिति को सामान्य करने के लिए दंगा प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही इन एरिया में धारा 144 लागू है. देखिए सीआईडी में बड़ी खबरें.