मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस ने एक ऐसे मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया है जिसके खुलासे ने सबको हैरान कर दिया है. दरअसल उज्जैन पुलिस ने कत्ल के आरोप में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से एक आरोपी को पहले मरा हुआ माना जा रहा था.
कुछ दिन पहले उज्जैन के उन्हेल थाना इलाके में एक सिर कटी लाश मिली थी. लाश पर जो कपड़े थे उसकी तलाशी लेने पर जेब में से राजेश नाथ के नाम का आधार कार्ड़ मिला. साथ ही मौके पर मिली बाइक, शव पर मिले कपड़े और जूते के आधार पर गांववालों ने भी उसकी शिनाख्त राजेश नाथ के नाम से की थी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की तो हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ. पुलिस, गांववाले और परिवार के लोग जिसे मरा हुआ मान रहे थे वो अपनी प्रेमिका के साथ शिवपुरी में मिला. अब पुलिस के सामने चुनौती ये थी कि जिसे वे मुर्दा मान रहे थे वो जिंदा है तो गांव में मिली लाश किसकी है.
पुलिस ने जब राजेश नाथ से पूछताछ की तो उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया. दरअसल राजेश नाथ का उज्जैन जिले के जियाजीगढ़ गांव में ही रहने वाली एक महिला से प्रेम संबंध था. एक साल पहले राजेश नाथ महिला को भगाकर ले गया था, लेकिन गांव वापस आने पर उसपर पंचायत ने जुर्माना लगा दिया और प्रेमिका से मिलने पर भी पाबंदी लगा दी. इसके बाद राजेश नाथ ने जुर्माने से बचने और हमेशा के लिए प्रेमिका के साथ रहने के लालच में एक ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई.
उज्जैन एसपी सचिन अतुलकर के मुताबिक राजेश नाथ ने पुलिस को बताया कि उसने घटना वाले दिन उज्जैन के छत्रीचौक से एक मजदूर को साथ लिया जो ठीक उसी की कद काठी का था. उसे नए कपड़े दिलाए और फिर खूब शराब पिलाई. शराब का नशा ज़्यादा होने के बाद मजदूर का पहले तो गला दबाया और फिर राजेश ने उसे अपने कपड़े और जूते पहना दिए और उसकी जेब में खुद का आधार कार्ड डाल दिया जिससे लाश की शिनाख्त उसके नाम से हो जाए.
इसके बाद उसने लाश का गला काट दिया गया ताकि किसी को पता न चले की लाश राजेश नाथ की नहीं है. लेकिन राजेश की चालाकी पुलिस जांच के सामने नहीं टिकी और पुलिस ने मुखबिरों की मदद से राजेश नाथ और उसकी प्रेमिका की लोकेशन ढूंढ निकाली. पुलिस ने पूरे मामले में राजेश नाथ और उसकी प्रेमिका के अलावा हत्याकांड को अंजाम देने वाले राहुल नाथ को भी गिरफ्तार कर लिया है.