हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के दो पीरजादों के पाकिस्तान में लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. शुक्रवार को भारत की ओर से पाकिस्तान से कहा गया है कि वह लाहौर में लापता हुए दोनों भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय को मुहैया करवाए.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. सूत्रों की मानें तो भारतीय पीरजादों के लापता होने के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है. वहीं दोनों पीरजादों के कराची में होने की जानकारी मिली है.
हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के पीरजादे आसिफ निजामी और उनके भाई नाजिम निजामी धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान गए थे. बुधवार को वह दोनों लापता हो गए. इस्लामाबाद में भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में इस संबंध में गुरुवार शाम कड़ी शिकायत दर्ज कराई. इस संबंध में दरगाह कमेटी ने शुक्रवार को एक मीटिंग बुलाई है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर कहा, 'हमने भारतीय पीरजादों के गायब होने का मुद्दा पाकिस्तान की सरकार के सामने उठाया है और उनसे आग्रह किया है कि दोनों भारतीय नागरिकों के संबंध में वह जल्द जानकारी दें.' इस बीच लापता पीरजादे आसिफ निजामी के बेटे आमिर निजामी ने भी सरकार से तुरंत एक्शन लेने की अपील की है.
We have taken up this matter with Government of Pakistan and requested them for an update on both the Indian nationals in Pakistan./4
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) March 17, 2017
आमिर ने कहा, वह भारत सरकार से उनके लापता परिजनों का पता लगाने की अपील करते हैं. आमिर ने बताया, वह पवित्र यात्रा पर पाकिस्तान गए थे और अब उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है. सूत्रों की मानें तो दोनों पीरजादों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अगवा किया है, लेकिन अभी तक इसकी वजह साफ नहीं हो पाई है.
बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान में सूफी संतों को इस्लामी जिहादियों द्वारा निशाना बनाए जाने के कई मामले सामने आए हैं. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारतीय पीरजादों के लापता होने में जिहादियों का हाथ नहीं है.