बिहार के समस्तीपुर में उजियारपुर थाना क्षेत्र के महथी गांव में बेखौफ बदमाशों ने जेडीयू नेता और एसबीआई बैंक के सीएसपी (ग्राहक सेवा केन्द्र) संचालक संत कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना से आक्रोशित लोगों ने एनएच 28 पर मृतक संत कुमार के शव को रखकर बरौनी-मुजफ्फरपुर सड़क मार्ग को जाम कर दिया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की.
बताया जाता है कि मृतक संत कुमार उजियारपुर थाना क्षेत्र के ही बेलामेघ गांव के रहने वाले थे और वो एसबीआई बैंक के सीएसपी संचालक थे. मृतक संत कुमार जेडीयू में थे. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की.
बाजार से लौटते वक्त हुई हत्या
संत कुमार जब अपने ग्राहक सेवा केंद्र को बंद कर घर लौट रहे थे तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने महथी गांव के पास अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी जिसमें से तीन गोलियां संत कुमार को जा लगीं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने सातनपुर चौक के पास मृतक संत कुमार के शव के साथ एनएच 28 पर बरौनी मुजफ्फरपुर मार्ग को जाम कर दिया.

गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए. जाम छुड़ाने पहुंचे डीएसपी कुंदन कुमार की आक्रोशित लोगों ने बात नहीं मानी और सड़क पर बैठे रहे. वे एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े थे. साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराना, दस लाख रुपये मुआवजे की राशि का भुगतान करना, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग कर रहे थे.
संत कुमार की हत्या के पीछे जो बात ग्रामीणों से सामने आ रही है उसमें प्रथम दृष्टया जमीनी विवाद होना बताया जा रहा है. मृतक संत कुमार सिंह की हत्या में परमानंद महतो तथा अमरेश कुमार महतो शामिल हो सकते हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से उक्त व्यक्ति के साथ जमीनी विवाद चल रहा था, हालांकि ये तो खुलासा पुलिस की जांच बाद ही हो पाएगा.