केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को MBBS के लिए संपन्न हुई NEET प्रवेश परीक्षा में धांधली करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. सीबीआई ने CBSE की शिकायत पर यह केस दर्ज किया है. सीबीएसई का कहना है कि दलालों के नेटवर्क के जरिए NEET एग्जाम में धांधली कर कुछ दलाल अपने अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिला देते हैं.
सीबीएसई के निदेशक संयम भारद्वाज ने सीबीआई में दर्ज शिकायत में कहा है कि कुछ दलालों ने छात्रों को देशभर में विभिन्न सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एनईईटी परीक्षा पास कराने में मदद की. संयम भारद्वाज ने सीबीआई को दर्ज शिकायत में धांधली करने वाले चार आरोपियों- मोहित कुमार उर्फ मौहित चौधरी, मनोज कुमार सिक्का, आरती तोमर और अश्विनी तोमर के नाम भी बताए हैं.
शिकायत दर्ज करने के बाद सीबीआई ने देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी की और चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार भी कर लिया है.
CBI registers case against four individuals from UP, Delhi and Punjab over alleged irregularities in NEET 2018. CBI also conducted searches at six locations across the country and arrested three out of four named in the FIR.
— ANI (@ANI) May 8, 2018
मोहित कुमार उत्तर प्रदेश के खुर्जा का रहने वाला है, जबकि मनोज कुमार सिक्का पंजाब के लुधियाना में प्रवेश परीक्षा के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी चलाता है. वहीं आरती तोमर और अश्विनी तोमर दिल्ली में आकृति एजुकेशन नाम से कंसल्टेंसी एजेंसी चलाते हैं.
एफआईआर के मुताबिक, चारों आरोपी मिलकर एनईईटी-यूजी परीक्षा में अपने उम्मीदवारों को मेडिकल में दाख़िला दिलाने के एवज़ में मोटी रक़म भी वसूलते थे. सीबीआई में दर्ज शिकायत में सीबीएसई के निदेशक का आरोप है कि मोहित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को एनईईटी प्रवेश परीक्षा के जरिए मेडिकल में दाखिला दिलाने का लालच देकर फंसाता था.
वह बाकायदा अभ्यर्थियों को देशभर में विभिन्न सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने का वादा भी करता था और इसके लिए वे अवैध और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते थे. संयम भारद्वाज का कहना है कि ऐसा कर वे उन लाखों अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं, जो प्रवेश परीक्षा के लिए पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करते हैं.
साथ ही सीबीएसई के निदेशक का कहना है कि इन कृत्यों से सीबीएसई की परीक्षा प्रणाली और प्रतिष्ठा पर असर पड़ रहा है.
बता दें कि एनईईटी-यूजी भारत में सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्सेस के लिए प्रवेश परीक्षा है. एनईईटी परीक्षा सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाती है जो मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय (MHRD) के अधीन आता है.