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धनबाद: चोरी के ऑटो से टक्कर मारकर हुई जज की हत्या, CCTV में दिख रहा साजिश का एंगल

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि न्यायाधीश उत्तम आनंद सड़क के बाईं ओर जॉगिंग करते हुए आगे बढ़े जा रहे हैं. ठीक उसी वक्त उनके पीछे एक ऑटो आता है, जिसकी ड्राइवर सीट पर दो लोग बैठे नजर आ रहे हैं. ऑटो अचानक सड़क पर हल्की बाईं ओर मुड़ता है और सड़क किनारे जॉगिंग कर रहे न्यायाधीश की ओर बढ़ता है.

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम (फोटो- आजतक) घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम (फोटो- आजतक)
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • सूनी सड़क पर जज को ऑटो ने मारी टक्कर
  • सड़क के एकदम किनारे टहल रहे थे जज
  • झारखंड सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का दिया आदेश

सुबह 5 बजे का वक्त...पूरी तरह से खाली सड़क. सड़क के किनारे एकदम बाईं ओर टहल रहा एक व्यक्ति. तभी व्यक्ति के पीछे से एक ऑटो आता है और सड़क पर सीधे न जाकर हल्का सा बायां मुड़ता है और किनारे चल रहे व्यक्ति को तेज रफ्तार में टक्कर मारता है. हैरानी की बात यह है कि टक्कर मारने के बाद ये ऑटो रुकता तक नहीं है और खाली सड़क पर तेज रफ्तार से आगे निकल जाता है. 

ये घटना झारखंड के औद्योगिक शहर धनबाद की है. बुधवार सुबह को जिस व्यक्ति को ऑटो ने टक्कर मारी है वे धनबाद के जज उत्तम आनंद थे. 

जब तक इस घटना का सीसीटीवी फुटेज नहीं आया था तब तक लोग इस हादसे को एक दुर्घटना ही समझ रहे थे, लेकिन सीसीटीवी का वीडियो साजिश की ओर इशारा कर रहा है. इस घटना के सीसीटीवी फुटेज से साफ लगता है कि जैसे जज उत्तम आनंद को जान बूझकर ऑटो से टक्कर मारी गई हो. 

 

ऑटो चालक समेत 3 लोग गिरफ्तार

इधर इस मामले में घनबाद से सटे गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने इस मामले में ऑटो चालक और उसके दो सहयोगी को गिरिडीह से गिरफ्तार कर लिया है. दोनों जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह 12 नंबर के रहने वाले हैं. इधर पुलिस ने ऑटो को भी जब्त कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर धनबाद ले गई है. 

6 महीने पहले ही आए थे धनबाद

बता दें कि न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह माह पहले ही धनबाद के न्यायाधीश के रूप पदभार ग्रहण किया था. इसके पूर्व वह बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे. रोज की तरह न्यायाधीश उत्तम मॉर्निंग वॉक करने 5 बजे सुबह अपने आवास से निकले. इसी दौरान रणधीर वर्मा चौक के आगे न्यू जज कॉलोनी मोड़ पर एक ऑटो उन्हें टक्कर मार कर फरार हो गया. सड़क पर तड़पता देख पवन पांडे नामक एक राहगीर ने उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए SNMMCH भेजा, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. 

सीसीटीवी में दिख रहा है 'सच'

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि न्यायाधीश उत्तम आनंद सड़क के बाईं ओर जॉगिंग करते हुए आगे बढ़े जा रहे हैं. ठीक उसी वक्त उनके पीछे एक ऑटो आता है, जिसके ड्राइवर सीट पर दो लोग बैठे नजर आ रहे है. ऑटो अचानक सड़क पर हल्की बाईं ओर मुड़ता है, और सड़क किनारे जॉगिंग कर रहे न्यायाधीश की ओर बढ़ता है और उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार कर सीधे सड़क पा आगे बढ़ जाता है. इस टक्कर के बाद जज उत्तम आनंद सड़क के किनारे उछल कर कुछ दूर जा गिरते हैं. 

बॉडीगार्ड ने की शव की पहचान

जज उत्तम आनंद थोड़ी ही देर में मॉर्निंग वॉक से वापस आ जाते थे. बुधवार को सुबह सात बजे तक जब वह वापस नहीं लौटे तो उनके परिजनों को चिंता हुई. इसके बाद परिजनों ने मामले की सूचना सदर थाना को दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई और उनकी तलाश शुरू की गई. सदर थाना की पुलिस को SNMMCH में एक लावारिस शव पड़े होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची. न्यायाधीश के बॉडीगार्ड ने शव की पहचान की. उत्तम आनंद के सिर पर गहरे जख्म हैं, साथ ही कान से खून बह रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस छानबीन में जुट गई है.

चोरी के ऑटो से मारी गई थी टक्कर

अब यह बात धीरे-धीरे साफ होती जा रही है कि धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत महज एक हादसा नहीं बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित हत्या है. अब इस मामले में ताजा तथ्य यह सामने आया है कि जज को टक्कर मारने के लिए जिस ऑटो का प्रयोग हुआ वह पाथरडीह की रहने वाली सुगनी देवी का है. सुगनी के अनुसार उसका ऑटो चोरी हो गया था. इसी ऑटो से जज को टक्कर मारी गई.

इसी ऑटो से मारी गई थी टक्कर (फोटो-आजतक)

झारखंड सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए

यह सीसीटीवी फुटेज कई सवालों के साथ ही हत्या की आशंका को भी बल देता नजर आ रहा है. इस पूरे मामले पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने धनबाद डीसी एवं धनबाद पुलिस को ट्वीट कर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर इस घटना की जांच कर एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. 

चर्चित मर्डर केस की कर रहे थे सुनवाई

न्यायाधीश उत्तम आनंद चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे. रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे. कुछ दिन पहले ही न्यायाधीश उत्तम आनंद ने शूटर अभिनव सिंह और अमन के गुर्गे रवि ठाकुर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इस बात की आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत के तार रंजय सिंह हत्याकांड से जुड़े हो सकते हैं. 


 

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