दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरों के एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फिल्मी अंदाज में लग्जरी कारों की चोरी करता था. इस गैंग के सरगना को पकड़ने के लिए पुलिस को नेशनल हाईवे पर करीब 100 किलोमीटर तक पीछा करना पड़ा. आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी अमनदीप सिंह के रूप में हुई है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फॉर्च्यूनर कार से पुलिसकर्मियों को टक्कर मारने की कोशिश भी की, लेकिन टीम ने उसे धर दबोच.
पुलिस उपायुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने बताया कि 29 जुलाई को पांडव नगर से इनोवा कार चोरी की शिकायत दर्ज की गई थी. जांच में पता चला कि इस वारदात के पीछे अमनदीप सिंह का हाथ है, जो महंगी पुश-स्टार्ट गाड़ियां चुराने वाले एक संगठित गिरोह से जुड़ा है. 11 अगस्त की रात पुलिस को इनपुट मिला कि अमनदीप चोरी की गई फॉर्च्यूनर कार लेकर पंजाब की ओर जा रहा है. तुरंत एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसने आरोपी का पीछा किया.
यह पीछा दिल्ली से लेकर हरियाणा के मुरथल टोल प्लाजा तक चला. वहां पहुंचकर अमनदीप ने पीछा कर रही पुलिस टीम को कुचलने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा. घिरने पर उसने कार छोड़ दी और पास के खेतों में छिप गया. घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद अमनदीप सिंह के नेटवर्क का खुलासा हुआ. वह जिस गैंग का हिस्सा था, वह लग्जरी गाड़ियां चोरी करने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाता था.

इस गैंग के सदस्य इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली वाली गाड़ियों को टारगेट करते. उनके विंडस्क्रीन पर लगे होलोग्राम की तस्वीर खींची जाती. इस तस्वीर में मौजूद यूनिक कोड दुबई में बैठे एक टेक्निकल एक्सपर्ट को भेजा जाता. एक्सपर्ट कोड को डिकोड करके नया कोड तैयार करता और गिरोह को वापस भेज देता. इसके बाद गैंग के सदस्य खास उपकरणों से गाड़ियों का सिक्योरिटी सिस्टम बायपास कर उन्हें आसानी से चुरा लेते. अमनदीप चोरी के वाहन पंजाब ले जाता था.
डीसीपी ने बताया कि अमनदीप आदतन अपराधी है. वो पंजाब ले जाकर कारों को बेंच दिया करता था. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पंजाब से तीन और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं. इनमें दो हुंडई क्रेटा और एक किआ सेल्टोस कार हैं. उसके खिलाफ पहले से ही दिल्ली के कई थानों जैसे कि रानी बाग, सागरपुर, पंजाबी बाग, नारायणा, मॉडल टाउन और अंबेडकर नगर में चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी के 9 मामले दर्ज हैं. इसके साथ ऑनलाइन एफआईआर भी हैं.