सरकार ने बीएसएनएल की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश [आईपीओ] के जरिए कंपनी की 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बारे में कर्मचारियों से बातचीत की ताकि विस्तार योजना का वित्तपोषण किया जा सके.