भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही और कई दिग्गज शेयरों में निवेशकों द्वारा सौदे काटने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 45 अंक नीचे बंद हुआ.
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स शुरआती कारोबार में दिन में 26,718.44 अंक तक गिर गया था. हालांकि मुनाफा वसूली की मार झेल चुके मजबूत शेयरों में लौटे समर्थन से सेंसेक्स ने फिर से 27,000 अंक के मनोवैग्यानिक स्तर हासिल कर लिया.
लेकिन कारोबार के अंतिम पहर चौतरफा बिकवाली से कुल मिला कर सेंसेक्स गुरूवार की तुलना में 44.93 अंक नीचे गिर कर 26,768.49 अंक पर बंद हुआ. आर्थिक सुधार को लेकर रिजर्व बैंक द्वारा सतर्कता का रुख अपनाए जाने और भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान जताए जाने के बाद से पिछले चार दिनों में सेंसेक्स 1,080.50 अंक गंवा चुका है.
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 15.95 अंक नीचे 8,114.70 अंक पर बंद हुआ. यह लगातार दूसरा सप्ताह रहा जब सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए.
दिग्गज शेयरों की तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी क्लोजिंग तक अबनी बढ़त गंवा दी. सीएनएक्स मिडकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी बढ़कर 12721.8 पर बंद हुआ है, हालांकि दोपहर के कारोबार तक 12800 के करीब था. वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.25 फीसदी की बढ़त के साथ 10851.5 पर बंद हुआ और उसका दिन का उच्चतम स्तर 10923.47 रहा.
रियल्टी, बैंकिंग और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली से बाजार पर दबाव बना. रियल्टी इंडेक्स 1.75 फीसदी तक गिरा, वहीं बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा कमजोर होकर 17523 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में बीएसई पर प्रमुख आईटी इंडेक्स भी 0.8 फीसदी टूटा.