सेंसेक्स मंगलवार को 296 अंक टूटकर करीब दो माह के निचले स्तर पर बंद हुआ. जर्मनी के सबसे खराब औद्योगिक आंकड़े के बीच धातु, स्वास्थ्य, उपभोक्ता सामान और मशीन बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली को इसका कारण बताया जा रहा है. दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे मजबूती के साथ 61.43 पर बंद हुआ.
जर्मनी में औद्योगिक उत्पादन घटकर साढ़े पांच साल के निचले स्तर पर आ गया. मंगलवार को 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 137 अंक नीचे खुला और कारोबार के दौरान दिन के निचले स्तर 26,250.24 अंक पर आ गया. हालांकि, बाद में यह 296.02 अंक की गिरावट के साथ 26,271.97 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 93.15 अंक नीचे 7,852.40 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, निफ्टी 7,943.05 और 7,842.70 अंक के दायरे में घूमता रहा.
कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष (निजी ग्राहक समूह अनुसंधान) संजीव जरबड़े ने कहा, 'जर्मनी के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े आने के बाद बिकवाली दबाव बढ़ गया. इन आंकड़ों से यूरोपीय बाजारों पर भी बिकवाली दबाव हावी हो गया.' विदेशी निवेशकों द्वारा सौदे निपटाने और तिमाही नतीजों से पहले छोटे निवेशकों की बिकवाली से बाजार धारणा कमजोर हुई.
30 में से 23 कंपनियों के शेयर टूटे
सेंसेक्स में शामिल 30 में से 23 कंपनियों के शेयर टूटकर बंद हुए. जरबड़े ने कहा कि अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहने और यूरोपीय बाजारों के नीचे खुलने से भी बाजार की धारणा पर असर पड़ा. शेयर बाजारों के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बीते बुधवार को 63.24 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की. अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग और दक्षिण कोरिया के शेयर सूचकांक 0.23 से 0.46 फीसदी के दायरे में मजबूत हुए, जबकि जापान, सिंगापुर और ताइवान के बाजार गिरावट के साथ बंद हुए.
सेंसेक्स के शेयरों में हिंडाल्को 4.35 फीसदी, एसएसएलटी 4.32 फीसदी, सिप्ला 3.67 फीसदी, डॉक्टर रेड्डीज लैब 3.18 फीसदी और एचडीएफसी 3.11 फीसदी टूटकर बंद हुआ, वहीं दूसरी ओर एनटीपीसी और गेल के शेयरों में वृद्धि दर्ज की गई.
सोना-चांदी हुए थोड़े और महंगे
मौसमी मांग के कारण स्टॉकिस्टों की सतत् लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने के भाव 210 रुपये की तेजी के साथ 27280 रुपये प्रति दस ग्राम बोले गए. हालांकि वैश्विक बाजारों में नरमी के कारण तेजी सीमित रही. औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की लिवाली बढ़ने से चांदी के भाव 960 रुपये चढ़कर 39250 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचा. सर्राफा व्यापारी ने बताया कि मौसमी मांग को पूरा करने के लिए स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की सतत् लिवाली के कारण सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आया.
सिंगापुर में सोने के भाव 0.4 फीसदी टूटकर 1203.02 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 0.3 फीसदी गिरकर 17.39 डॉलर प्रति औंस रहे. दिल्ली में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 210 रुपये की तेजी के साथ 27280 रुपये और 27080 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए. गिन्नी के भाव 50 रुपये चढ़कर 24150 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए. चांदी तैयार के भाव 960 रुपये की तेजी के साथ 39250 और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 725 रुपये चढ़कर 38625 रुपये प्रति किलो बंद हुए. चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ 68000:69000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए.