SBI Cards के आईपीओ को छोटे निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. पहले ही दिन ही इस आईपीओ के रिटेल वाले हिस्से के 62 फीसदी का और कुल मिलाकर 39 फीसदी शेयरों के लिए सब्सक्रिप्शन हासिल हो गया है.
इसी तरह एसबीआई कार्ड्स के कर्मचारियों वाले हिस्से का 80 फीसदी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरधारकों के हिस्से का 69 फीसदी सब्सक्रिप्शन हो चुका है. इस साल का सबसे चर्चित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम SBI Cards IPO सब्सक्रिप्शन के लिए सोमवार यानी 2 मार्च को खुला है और 5 मार्च को बंद होगा.
हालांकि, गैर संस्थागत निवेशकों वाले हिस्से का महज 12 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है. कंपनी ने इस आईपीओ के द्वारा रिटेल यानी छोटे निवेशकों को 4.27 करोड़ हिस्सा बेचने की पेशकश की है और ऐसे निवेशकों से कंपनी 3,229 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है.
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एंकर इनवेस्टर से जुटे 2,769 करोड़ रुपये
आईपीओ के लिए कुल 2.73 करोड़ शेयरों के लिए सब्सक्रिप्शन हासिल हो चुका है. एसबीआई कार्ड्स ने 74 एंकर इनवेस्टर्स से 2,769 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इनमें सिंगापुर सरकार, सिंगापुर की मॉनेटरी अथॉरिटी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, गवर्नमेंट पेशन फंड ग्लोबल और बिड़ला म्यूचुअल फंड शामिल हैं. एंकर निवेशकों को शेयर 755 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर अलॉट किया गया है. इनमें 12 म्यूचुअल फंड हैं.
40 फीसदी प्रीमियम की उम्मीद
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की क्रेडिट कार्ड शाखा SBI Cards इस आईपीओ के द्वारा कुल 10,355 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद रखती है. सभी एनालिस्ट और ब्रोकरेज इसमें निवेश की सलाह दे रहे हैं. इसका प्राइस बैंड से 750 से 755 रुपये रखा गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह अपर बैंड के 40 से 50 फीसदी प्रीमियम यानी करीब 1,000 प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकता है.
यानी अगर किसी को इसके शेयर आवंटित होते हैं तो उसे पहले दिन ही 40 से 50 फीसदी का फायदा हो सकता है. एसबीआई कार्ड के आईपीओ के लिए आवेदन 19 शेयरों के कम से एक लॉट के लिए किया जा सकता है. अगर कोई SBI Cards का कर्मचारी है तो उसे 75 रुपये प्रति शेयर की छूट मिलेगी.
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ये हैं SBI Cards के मालिक
गौरतलब है कि एसबीआई कार्ड्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज में 74 फीसदी हिस्सा एसबीआई का और 26 फीसदी हिस्सा प्राइवेट इक्विटी फर्म कार्लिले समूह की भारतीय ईकाई सीए रोवर होल्डिंग्स का है. इस आईपीओ के द्वारा एसबीआई अपने 0.66 करोड़ शेयर बेचकर करीब 500 करोड़ रुपये हासिल करेगी, जबकि 13.05 करोड़ शेयर बेचकर कार्लिले ग्रुप 9,855 करोड़ रुपये तक जुटा सकता है.
लिस्टिंग के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 70,425 से 70,891 करोड़ रुपये तक हो सकता है. 2 लाख रुपये कम निवेश करने वालों को रिटेल यानी छोटा निवेशक और 2 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश करने वाले को शेयरहोल्डर वर्ग का निवेशक माना जा सकता है.