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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 3 साल बढ़ाया

मोदी सरकार ने RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 3 साल बढ़ाने का फैसला किया है. अब शक्तिकांत दास दिसंबर 2024 तक RBI गवर्नर बने रहेंगे.

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 RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 3 साल बढ़ा. (फाइल फोटो)
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 3 साल बढ़ा. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 10 दिसंबर 2021 को खत्म हो रहा था दास का कार्यकाल
  • दिसंबर 2024 या अगले आदेश तक आरबीआई चीफ बने रहेंगे दास

नरेंद्र मोदी सरकार ने RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 3 साल बढ़ाने का फैसला किया है. अब शक्तिकांत दास दिसंबर 2024 तक RBI गवर्नर बने रहेंगे.

शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर 2021 को खत्म हो रहा था. आधिकारिक बयान के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में शक्तिकांत दास की पुनर्नियुक्ति को 10.12.2021 से तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया गया है. 

कोरोना काल में लिक्विडिटी बनाए रखने का किया प्रयास
सरकार का ये फैसला काफी अहम माना जा रहा है. दरअसल, कोरोना महामारी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंची है. ऐसे में शक्तिकांत दास का इस पद पर बने रहने से अर्थव्यवस्था में ग्रोथ करने में मदद मिल सकती है. शक्तिकांत दास (64) के नेतृत्व में कोरोना काल में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कमी और विकास का समर्थन करने और सबसे खराब दौर में लिक्विडिटी बनाए रखने का प्रयास किया. 

कौन हैं शक्तिकांत दास?
शक्तिकांत दास उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद आरबीआई गवर्नर बने. 26 फरवरी 1957 को जन्मे शक्तिकांत दास ने इतिहास से दिल्ली के (St. Stephen's College) से एमए की डिग्री हासिल की है. वे तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, शक्तिकांत दास को भारत के सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक माना जाता था. इससे पहले दास ने भारत के आर्थिक मामलों के सचिव, भारत के राजस्व सचिव और भारत के उर्वरक सचिव के रूप में भी काम किया है.

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज आर्थिक वृद्धि का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अगले साल 2022 में दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था के रूप में अनुमान लगाया है कि भारत में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि दर होगी. IMF के अनुमान के मुताबिक, भारत में यह वृद्धि दर 8.5 फीसदी तक पहुंच सकती है. जबकि अमेरिका में यह दर 5.2 फीसदी तक ही हो सकती है. 

IMF की ओर से जारी आंकड़े कहते हैं कि पिछले साल कोरोना संकट की वजह से भारत में आर्थिक वृद्धि दर माइनस 7.3 फीसदी था जो इस साल 2021 में सुधर कर 9.5 फीसदी होने का अनुमान जताया गया. यह अनुमान भी दुनिया के किसी भी देश की तुलना में काफी ज्यादा थी. अब अगले साल 2022 में भी वृद्धि दर अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है. 

 

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