scorecardresearch
 

10 फीसदी की दर से बढ़ेगी पैसेंजर कारों की बिक्री: इक्रा

लोगों की क्रय-शक्ति बढने से इस वित्त वर्ष में घरेलू यात्री कारों की बिक्री में 9-10 फीसदी की वृद्धि हो सकती है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले पांच वित्त वर्षों के दौरान यात्री कारों की बिक्री में साल दर साल नौ से ग्यारह फीसदी की वृद्धि की संभावना है.

Advertisement
X
अब बढ़ेंगी पैसेंजर कार की सेल
अब बढ़ेंगी पैसेंजर कार की सेल

लोगों की क्रय-शक्ति बढ़ने से इस वित्त वर्ष में घरेलू यात्री कारों की बिक्री में 9-10 फीसदी की वृद्धि हो सकती है. रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले पांच वित्त वर्षों के दौरान यात्री कारों की बिक्री में साल दर साल नौ से ग्यारह फीसदी की वृद्धि की संभावना है.

इक्रा समूह के उपाध्यक्ष कॉरपोरेट सेक्टर रेटिंग सुब्रत राय ने कहा, लोगों के पास खर्च करने लायक आमदनी बढ़ने से उद्योग के लिए दीर्घ अवधि की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं. उन्होंने आगे कहा कि कुल मिला कर वृहद आर्थिक सूचकांक सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी की दृष्टि से सकारात्मक हैं तथा अच्छे मानसून के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने की संभावना है.

GST: 10% तक महंगी हो सकती हैं SUV-लग्जरी कारें

गौरतलब है कि माल एवं सेवा कर जीएसटी लागू होने के बाद कीमतों में कटौती, सस्ते ब्याज दर और ईंधन की कम कीमतों से भी उद्योग जगत को प्रोत्साहन मिलेगा. पिछली कुछ तिमाहियों में कारों की बिक्री में कॉम्पैक्ट यूटिलिटी व्हीकल श्रेणी में सबसे अधिक तेजी रही.

Advertisement

SUV, मीडियम साइज, बड़ी और लक्जरी कारें अब महंगी हो जाएंगी क्योंकि GST काउंसिल ने इन पर सेस की दर को मौजूदा 15% से बढ़ाकर 25% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. याद हो कि माल एवं सेवाकर GST के लागू होने के बाद इनकी कीमतें कम हो गईं थी.

जीएसटी के तहत कारों को उच्चतम दर 28% टैक्स की श्रेणी में रखा गया है. इस वर्ग में वस्तुओं और सेवाओं पर 1-15% तक का सेस भी लगाया गया है ताकि उससे प्राप्त आय के जरिए GST में राज्यों को राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके.

अब SUV और बड़ी कारों पर सेस की दर बढ़ा दी गयी है. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि GST के बाद कारों पर कुल टैक्स GST और सेस मिलाकर GST से पहले वाली व्यवस्था के मुकाबले शुल्क कम हो गया था. बयान में कहा गया है, GST परिषद ने 5 अगस्त को हुई अपनी 20वीं बैठक में इस मसले विचार किया और केंद्र सरकार से सिफारिश की कि वह 8702 और 8703 शीर्षक के तहत आने वाले मोटर वाहनों पर अधिकतम उपकर मौजूदा 15% से बढ़ाकर 25% करने के लिए विधायी संशोधन करने का प्रस्ताव रख सकती है.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement