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139 सर्विस पर अब तक 120 करोड़ कॉल!

भारतीय रेलवे की जुलाई 2007 में शुरू की गई राष्ट्रीय पूछताछ सेवा 139 नम्बर पर अब तक उपभोक्ता 120 करोड़ कॉल दर्ज कर चुके हैं.

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भारतीय रेलवे की जुलाई 2007 में शुरू की गई राष्ट्रीय पूछताछ सेवा 139 नम्बर पर अब तक उपभोक्ता 120 करोड़ कॉल दर्ज कर चुके हैं.

भारतीय रेलवे की राष्ट्रीय पूछताछ सेवा पर पिछले वर्ष रिकार्ड 29.20 करोड़ फोन कॉल दर्ज की गई. इस सेवा पर प्रतिदिन औसतन आठ लाख फोन कॉल दर्ज की जाती है, जबकि इसकी एसएमएस सेवा पर पिछले वर्ष 7.50 करोड़ टेक्स्ट मैसेज प्राप्त हुए. इस सेवा पर प्रतिदिन दो लाख एसएमएस दर्ज किए जाते हैं. वैसे तो राष्ट्रीय रेलवे पूछताछ सेवा पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक व्यस्तता बनी रहती है, लेकिन सर्वाधिक व्यस्तता दोपहर 2 बजे से सायं 8 बजे के बीच रहती है.

राष्ट्रीय रेलवे पूछताछ सेवा के माध्यम से अब तक किए गए पूछताछ में सर्वाधिक 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने पीएनआर नम्बर के माध्यम से अपने बर्थ की कन्फर्मेशन की जानकारी प्राप्त की, जबकि 24 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने रेलगाड़ियों के आगमन तथा प्रस्थान की जानकारी प्राप्त की. शेष 14 प्रतिशत यात्रियों ने रेलवे स्टेशनों पर ठहराव तथा रेलभाड़े के बारे में पूछताछ की.

इसके अलावा एसएमएस के माध्यम से जानकारी ग्रहण करने वाले उपभोक्ताओं में से 86 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने पीएनआर के जरिए अपने सीट की कन्फर्मेशन के बारे में पूछताछ की. एसएमएस के माध्यम से जानकारी ग्रहण करने वाले उपभोक्ता रेलगाड़ियों के आगमन-प्रस्थान, रेलवे स्टेशनों पर आवास, किराए भाड़े की जानकारी, ट्रेन नम्बर, टाईम-टेबल, प्लेटफार्म की जानकारी सहित सहायता से सम्बंधित विभिन्न जानकारियां ग्रहण करते हैं.

एसएमएस के माध्यम से जानकारी ग्रहण करने वालों में लगभग 10,000 (पांच प्रतिशत) उपभोक्ता प्रतिदिन गलत एसएमएस भेजते हैं. इन गलत एसएमएस भेजने वाले उपभोक्ताओं को डाटा सेंटर द्वारा सही वाक्य भेजा दिया जाता है ताकि वह दुबारा एसएमएस भेजकर सही जानकारी ग्रहण कर सकें.

रेलवे की राष्ट्रीय पूछताछ सेवा में अधिकतर उपभोक्ता हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषाओं का ही उपयोग करते हैं, जबकि यह पूछताछ सेवा पंजाबी, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलगू, बांग्ला, उड़िया तथा आसामी भाषा में भी पूछताछ सेवा उपलब्ध करवाती है.

रेलवे राष्ट्रीय पूछताछ सेवा सर्वाधिक 75 प्रतिशत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा झारखण्ड के उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग की जाती है, जबकि अंग्रेजी भाषा का उपयोग करने वाले 16 प्रतिशत उपभोक्ता हैं. पंजाबी, कन्नड़, मलयालम, बांग्ला, उड़िया तथा आसामी भाषा प्रत्येक को एक-एक प्रतिशत तक उपभोक्ता प्रयोग करते हैं, वहीं मराठी, गुजराती, तमिल तथा तेलगू में से प्रत्येक भाषा का प्रयोग करने वाले 2 प्रतिशत उपभोक्ता हैं.

रेलवे की राष्ट्रीय पूछताछ सेवा कोलकता, अहमदाबाद, नोएडा तथा मैसूर में स्थापित कॉल सेंटरों के माध्यम से सम्बंधित क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करते हैं. इन कॉल सेंटरों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए कोलकता, मुम्बई, दिल्ली तथा चेन्नई में डाटा सेंटर खोले गए हैं. उपभोक्ताओं को औसतन 30 सेकेंड में कॉल सेंटर टेलीकॉलर से जोड़ दिया जाता है तथा उत्सवों के दौरान अतिरिक्त व्यस्तता के लिए अतिरिक्त टेलीकॉलर तैनात किए जाते हैं.

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