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GST-नोटबंदी का कितना असर, CSO का अनुमान आज बताएगा हकीकत

नोटबंदी और जीएसटी को लगातार देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार रोकने वाला करार दिया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी वजह से जीडीपी की रफ्तार धीमी हुई है. जीएसटी और नोटबंदी की वजह से जीडीपी की रफ्तार कितनी बढ़ी है, ये केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों से आज पता चल जाएगा.

सीएसओ आज जीडीपी आंकड़े जारी करेगा सीएसओ आज जीडीपी आंकड़े जारी करेगा

नोटबंदी और जीएसटी को लगातार देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार रोकने वाला करार दिया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी वजह से जीडीपी की रफ्तार धीमी हुई है. जीएसटी और नोटबंदी की वजह से जीडीपी की रफ्तार बढ़ेगी या घटेगी, ये केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुमान से आज पता चल जाएगा.

सीएसओ शुक्रवार की शाम को जीडीपी की रफ्तार कैसी रहेगी, इस संबंध में अपने आंकड़े जारी करेगा. विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीडीपी की दर 7 फीसदी से नीचे रह सकती है. इसके लिए उन्हेांने नोटबंदी और जीएसटी को जिम्मेदार ठहराया है.

जीडीपी  के ये अनुमान ऐसे समय पर आ रहे हैं, जब मोदी सरकार बजट की तैयारी कर रही है. जीडीपी के अनुमान में बढ़ोतरी अगर होती है, तो यह मोदी सरकार के लिए काफी राहत भरी खबर साबित हो सकती  है. वित्त वर्ष 2016-17 में भारत की जीडीपी की रफ्तार 7.1 फीसदी थी. वहीं, 2015-16 में यह रफ्तार 8 फीसदी के करीब पहुंच गई थी.

नोटबंदी और जीएसटी को लेकर लगातार विपक्ष मोदी सरकार को घेरे हुए है.  ऐसे में बेहतर जीडीपी अनुमान बेहतर रहने से मोदी सरकार को सहारा देंगे और सरकार को विपक्ष को जवाब दे सकेगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली भी कई मौकों पर मान चुके हैं कि जीएसटी की वजह से इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त हुई है. हालांकि उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में देश की अर्थव्यवस्था को इसका फायदा मिलेगा.

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