इंडिया टुडे ग्रुप के सालाना बिजनेस इवेन्ट 'बिजनेस टुडे माइंडरश' के 7वें संस्करण की शुरुआत आज मुंबई में हुई. कार्यक्रम में उपस्थित कारोबार जगत के दिग्गजों का स्वागत करते हुए इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर-पब्लिशिंग राज चेंगप्पा ने कहा कि टेक्नोलॉजी के दौर में यदि किसी कारोबार को अपना अस्तित्व बचाए रखना है तो उसे अपने भीतर आमूल या क्रांतिकारी बदलाव लाने होंगे.
इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान होंगे जो समापन सत्र में बिजनेस टुडे बेस्ट सीईओ अवार्ड्स भी देंगे.
इस बार इस बिजनेस कॉन्क्लेव की थीम है- ‘डिसरप्ट ऑर डाई’ यानी आमूल बदलाव के लिए तैयार रहें या खत्म हो जाएं. इस साल कॉन्क्लेव में इस बात पर मंथन हो रहा है कि मौजूदा आर्थिक माहौल में तेजी से हो रहे बदलाव से कारोबार जगत किस तरह से निपट रहा है.
राज चेंगप्पा ने कहा, ' इस कार्यक्रम में बिजनेस, इकोनॉमी और पॉलिसी के बेस्ट माइंड इकट्टा होकर बिजनेस के सामने कल आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हैं. इस बार हमारा प्राइमरी फोकस टेक्नोलॉजी के दौर में लीडरशिप के सामने आने वाली चुनौतियों पर होगा. साथ ही उनको सम्मानित भी किया जाएगा जो इस कठिन चुनौतियों के दौर में भी बेहतर काम काम रहे हैं. हम 16 कैटेगिरी में बेस्ट सीईओ अवॉर्ड देंगे.
उन्होंने कहा, 'यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज हमारे इस इवेंट के चीफ गेस्ट हैं और वे यह अवॉर्ड देंगे. आज भारी बदलाव का दौर है. हमें अपने रहने, कारोबार करने, जीने के तरीके में बदलाव करना पड़ रहा है. चीन , भारत और अन्य उभरते हुए देशों का तेजी से उभार, डिजिटल टेक्नोलॉजी का तेज विकास, ग्लोबलाइजेशन मेें संरक्षणवाद की चोट जैसी चीजें कारोबार को प्रभावित कर रही हैं. लेकिन हम शुतुरमुर्ग की तरह गर्दन धंसाकर नहीं रह सकते.'
उन्होंने कहा, 'कोई भी टेक्नोलॉजी की चुनौतियों से बच नहीं सकता है. हालांकि, जिस कंपनी, सेक्टर ने इसे अच्छी तरह से साध लिया है, यह उनके लिए अवसर भी है. मैंकिंसी की रिपार्ट के अनुसार ऐसे लोग वर्ल्ड स्टेज के नए स्टार बने हैं. जो लोग इस गति के साथ कदम नहीं मिला पाए हैं वे कारोबार से बाहर चले जा रहे हैं.'
उन्होंने कहा कि किसी को भी इस दौर में टिकने के लिए रेडिकल थिंकिंग करना होगा, डिसरप्ट करना होगा यानी आमूल बदलाव लाना होगा. किस तरह से कारोबार करते हैं और जीवन जीते हैं, उन सबमें. उन्होंने कहा, 'कई नौकरियां खत्म हो रही हैं, मशीन बेहतर और तेज काम कर रहे हैं, एआई, मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन का विकास हो रहा है और अब आमूल बदलाव हो रहा है. आपको अपने प्रतिद्वंद्वी को कमजोर करना है तो सबसे पहले अपने को डिसरप्ट करना यानी आमूल बदलाव लाना होगा औन नई टेक्नोलॉजी को साधना होगा.'
कई दिग्गज होंगे शामिल
दिन भर के इस आयोजन में इंडस्ट्री जगत के कई दिग्गजों के सत्र होंगे. जैसे- रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओम्मेन, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के फैकेल्टी कविल रामचंद्रन, मारुति सुजुकी के एमडी एवं सीईओ केनिची आयुकावा, हैवेल्स इंडिया के सीएमडी अनिल राय गुप्ता, नेस्ले इंडिया के सीएमडी सुरेश नारायणन और टाटा सन्स के भास्कर भट्ट.
इस कार्यक्रम में ऐसे राजनीतिक, कारोबारी अगुआ, शिक्षाविद और जनमत निर्माता शामिल होंगे जो विभिन्न कारोबार के समक्ष दिख रही आर्थिक और औद्योगिक चुनौतियों की पहचान करने और उनके समाधान की दिशा में काम कर चुके हैं.
‘द जियो रीवोल्युशन’ से लेकर ‘फ्यूचर ऑफ वर्कप्लेस’, ‘मेकिंग सेंस ऑफ द स्टॉक मार्केट्स’ और ‘द इकोनॉमी राउंडटेबल’ तक तमाम विषयों के सत्र में समूह चर्चा के दौरान कारोबार जगत की बारीकियों से रूबरू हुआ जा सकेगा.
कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आप इस लिंक पर देख सकते हैं- www.btmindrush.com