पेट्रोल और डीजल के लिए उपभोक्ताओं को अगले 5 साल तक ज्यादा कीमत चुकाने पड़ सकते हैं. दरअसल, सरकार तेल खुदरा दाम पर प्रीमियम यानी अधिमूल्य को लेकर तेल कंपनियों की मांग पर विचार कर रही है.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय से वाहन ईंधनों के दाम बढ़ाने की ''प्रीमियम योजना'' का समर्थन करने की अपील की है.
अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगी तो उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम पर क्रमश: 80 पैसे और 1.50 रुपये प्रति लीटर के करीब प्रीमियम अगले 5 साल तक चुकाना पड़ेगा. जाहिर सी बात है, आम लोगों के लिए ये एक बड़ा झटका हो सकता है.
दरअसल, तेल कंपनियां बीएस-स्टेज-6 के ईंधन बनाने के लिए अपने रिफाइनरी को अपग्रेड करने में होने वाले निवेश का एक अंश हासिल करना चाहती हैं.
यही वजह है कि सरकार से मदद की मांग कर रही हैं.
बता दें कि तेल कंपनियां हर दिन पेट्रोल और डीजल के दाम में मामूली कटौती या वृद्धि करती हैं.
अगर प्रीमियम चार्ज को मंजूरी मिलती है तो पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि हो जाएगी. इस बढ़ोतरी की वजह से महंगाई भी बढ़ने की आशंका होगी.
हालांकि सरकार की ओर से प्रीमियम चार्ज को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है.