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'जो डाइट पर जाते वो हर दिन मरते, जो खा पी के जाते वो एक बार मरते', इस बड़े उद्योगपति का ट्वीट वायरल

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी विप्रो (Wipro) के चेयरमैन रिशद प्रेमजी (Rishad Premji) का डाइट को लेकर किया गया यह ट्वीट जमकर वायरल हो रहा है. इस पर रिप्लाई करते हुए यूजर्स मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

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विप्रो चेयरमैन का ट्वीट बना चर्चा का विषय विप्रो चेयरमैन का ट्वीट बना चर्चा का विषय
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2007 में विप्रो का हिस्सा बने थे रिशद प्रेमजी
  • ट्विटर यूजर्स ने उनसे पूछा अंकल का नाम

आजकल लोगों के बीच खुद को फिट रखने के लिए डाइटिंग करने का चलन बढ़ रहा है. सोशल मीडिया पर फोटो अच्छी दिखे इसलिए लोग छरहरी काया और सिक्स पैक एब्स के लिए कीटो से लेकर इंटीमिडेटिंग डाइटिंग जैसे कई विकल्प अपनाते हैं, लेकिन भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी के चेयरमैन रिशद प्रेमजी की राय इससे अलग है.

खाने-पीने वाले लोग एक बार मरते हैं
इंडिया की टॉप टेक कंपनी विप्रो (Wipro) के चेयरमैन रिशद प्रेमजी (Rishad Premji) ने डाइट को लेकर सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के अंदाज में ऐसा कुछ लिखा है जो अब लोगों के बीच वायरल हो रहा है. अजीम प्रेमजी (Azim Premji) के बेटे रिशद ने ट्वीट (Tweet) किया- मुझसे मेरे एक अंकल ने बोला था. जो लोग डाइट पर जाते हैं वो हर दिन मरते हैं, लेकिन जो लोग खाते पीते रहते हैं वो सिर्फ एक बार मरते हैं'. दरअसल उनका इशारा रोज मन मारकर डाइटिंग करने की ओर था. अब इस पर लोगों के मजेदार रिस्पांस भी देखने को मिल रहे हैं.

ट्विटर यूजर्स ने दीं ऐसी प्रतिक्रियाएं
रिशद प्रेमजी के इस ट्वीट पर यूजर्स ने भी अपनी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने रिशद से यह बड़ी सलाह देने वाले उनके अंकल का नाम पूछा है, तो किसी ने अलग अंदाज में कहा कि हम में से कोई डाइट पर जाना नहीं चाहता, लेकिन क्या करें मजबूरी है. किसी ने उनके इस ट्वीट का समर्थन करते हुए इसे बिल्कुल सही बताया और कहा कि खाओ पिओ और मस्त रहो, तो वहीं एक यूजर ने तो उनके इस टीट को लेकर UNCCD के दिशा-निर्देश बता दिए. 

 

हार्वर्ड से ग्रेजुएट हैं रिशद प्रेमजी
गौरतलब है कि पिता अजीम प्रेमजी के विप्रो के चेयरमैन का पद छोड़ने के बाद उनके बेटे रिशद ने कंपनी की कमान हाथ में ली थी. उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएशन और वेस्लिन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है. रिशद को साल 2014 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने यंग ग्लोबल लीडर की उपाधि प्रदान की थी. उन्होंने विप्रो में साल 2007 में काम शुरू किया था और आठ साल बाद उन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल किया गया थी. इसके बाद अब वे देश की तीसरी बड़ी टेक कंपनी का चेयरमैन पद संभाल रहे हैं. 

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