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पटना गर्ल्स हॉस्टल केस: छात्रावास पहुंची CBI टीम, 3 घंटे तक चलाया सर्च अभियान... हाथ लगे अहम सबूत

उत्तर प्रदेश के पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थियों में मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है. रविवार को सीबीआई छात्रा के घर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज की. इस दौरान टीम ने शंभू हॉस्टल में भी सर्च अभियान चलाया.

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पटना के शंभू हॉस्टल में सीबीआई ने चलाया सर्च अभियान.  (Photo: Representational )
पटना के शंभू हॉस्टल में सीबीआई ने चलाया सर्च अभियान. (Photo: Representational )

राजधानी पटना में नीट की एक छात्रा की संदिग्ध मौत के चर्चित मामले में जांच अब तेज हो गई है. मामले की जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के बाद एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है. शनिवार को CBI की टीम ने पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में करीब तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान हॉस्टल के कमरों, रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की गई.

CBI अपने साथ ले गई कई साक्ष्य

टीम कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर अपने साथ ले गई है, जिनका तकनीकी विश्लेषण कराया जाएगा. रविवार को सुबह CBI की टीम पीड़िता के पैतृक घर जहानाबाद भी पहुंची. जहां परिजनों से विस्तृत पूछताछ की गई. अधिकारियों ने छात्रा की दिनचर्या, मित्रों से संबंध, हालिया गतिविधियों और किसी संभावित विवाद या धमकी के संबंध में भी जानकारी ली.

यह भी पढ़ें: NEET छात्रा मौत मामला: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची CBI, पांच बोरी दस्तावेज ले गई

सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है. ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके. पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था. पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था. आपको बता दें कि यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ. पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई.

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SIT जांच पर परिजनों खड़े किए थे सवाल

इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे. हालांकि पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था. लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था. इसके साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग बताते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी. 

एसआईटी की जांच में पता चला कि नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स में स्पर्म पाया गया था. उसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए. इसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे. इसपर परिजनों ने सवाल भी खड़े किए थे. इसके बाद ही सरकार ने पूरी जांच सीबीआई को सौंप दिया था.

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