सऊदी अरब से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. सऊदी अरब ने यमन के हूथी विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच अपने रक्षा सहयोगियों से बड़ी मदद की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब ने विशेष रूप से मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में अपने सहयोगियों से सहायता मांगी है. इस समय सऊदी अरब को मिसाइल इंटरसेप्टर स्टॉक की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. सऊदी अरब के पास पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक काफी कम हो गया है, जिसके कारण देश की सुरक्षा पर खतरा मंडर रहा है. इसी संकट से उबरने के लिए सऊदी अरब ने अपने वैश्विक रक्षा साझेदारों और खाड़ी सहयोगियों से संपर्क साधा है. यमन के हूथी विद्रोही लगातार सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों और तेल संपत्तियों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं. इन हमलों का मुकाबला करने के लिए सऊदी अरब को अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है. सऊदी अरब प्रशासन का मानना है कि यदि सहयोगियों से समय पर सैन्य सहायता और मिसाइल इंटरसेप्टर की आपूर्ति नहीं हुई, तो देश के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. यही वजह है कि सऊदी अरब अब अपने पुराने और विश्वसनीय रक्षा सहयोगियों से तत्काल मदद की अपील कर रहा है ताकि हूथी विद्रोहियों के मिसाइल हमलों को नाकाम किया जा सके. इस सैन्य संकट पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.