यूक्रेन की रोबोट आर्मी कैसे करती है काम, रूसी सैनिकों से आत्मसमर्पण करवाकर कब्जा ली पोस्ट!

जंग का मैदान अब बदल रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के दावे के मुताबिक, यूक्रेन ने रोबोट और ड्रोन के दम पर रूसी ठिकाने पर कब्जा किया, जहां दुश्मन ने सरेंडर कर दिया. बिना सैनिक उतारे ऑपरेशन पूरा होना युद्ध की नई दिशा और टेक्नोलॉजी की बढ़ती ताकत का संकेत है.

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यूक्रेन ने पहले ग्राउंड रोबोट की मदद से तीन रूसी सैनिकों को पकड़ने का दावा किया था (फोटो क्रेडिट- DevDroid वेबसाइट) यूक्रेन ने पहले ग्राउंड रोबोट की मदद से तीन रूसी सैनिकों को पकड़ने का दावा किया था (फोटो क्रेडिट- DevDroid वेबसाइट)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:34 PM IST

रूस से जंग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बड़ा दावा किया है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की रोबोट आर्मी के सामने सरेंडर कर दिया.

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने बस रोबोटिक सिस्टम, मानवरहित हवाई वाहनों के जरिए एक रूसी ठिकाने पर कब्जा कर लिया.

इसकी जानकारी देते हुए जेलेंस्की ने कहा, 'इस युद्ध के इतिहास में पहली बार, दुश्मन के एक ठिकाने पर पूरी तरह से मानवरहित प्लेटफार्मों- ग्राउंड सिस्टम और ड्रोन से कब्जा किया गया.'

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यूक्रेन के राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'कब्जा करने वालों ने आत्मसमर्पण कर दिया, और यह अभियान बिना पैदल सेना के और हमारी तरफ से बिना किसी नुकसान के अंजाम दिया गया.'

जेलेंस्की ने आगे कहा कि 2026 के पहले तीन महीनों में, जमीनी रोबोटिक प्रणालियों ने यूक्रेन की अग्रिम पंक्ति पर 22,000 से ज्यादा मिशनों को अंजाम दिया. उन्होंने आगे कहा, 'दूसरे शब्दों में कहें तो, जब किसी योद्धा की जगह रोबोट को सबसे खतरनाक इलाकों में भेजा गया, तो 22,000 से अधिक बार जानें बचाई गईं. यह तकनीक मानवीय जीवन की सुरक्षा का उदाहरण है.'

यूक्रेन फिलहाल जिन ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम्स का इस्तेमाल कर रहा है उसमें Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector, Volia शामिल हैं.

कैसे काम करता है यूक्रेन का ये सिस्टम

फिलहाल यूक्रेन की सेना ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ा रही है. अभी इन्हें दूर से इंसान ऑपरेट करते हैं. ये हमले करने के साथ-साथ जंग के खतरनाक इलाके से घायल सैनिकों को निकालने में मदद करते हैं, जहां इंसानी रेस्क्यू टीम जाना बहुत जोखिम भरा होता है.

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जनवरी में यूक्रेन का ग्राउंड रोबोट Droid TW-7.62 (DevDroid), जिसमें AI की मदद से अपने आप दुश्मन को पहचानने और ट्रैक करने की क्षमता है, उसने तीन रूसी सैनिकों को पकड़कर बंदी बना लिया. यह जानकारी यूक्रेन की रक्षा कंपनी Devdroid ने दी.

बता दें कि Droid TW-7.62 जमीन पर चलने वाला ऐसा रोबोट है जो दुश्मन की जानकारी जुटाने और हमला करने दोनों काम करता है. इसमें KT-7.62 मशीन गन लगाई गई है, जिससे यह जरूरत पड़ने पर फायरिंग भी कर सकता है.

इस सिस्टम में एक खास कंप्यूटर लगा होता है, जो बहुत सटीक निशाना लगाने में मदद करता है. साथ ही इसमें AI तकनीक भी है, जिससे यह अपने आप दुश्मन को पहचान सकता है, उस पर नजर रख सकता है और उसे ट्रैक कर सकता है.

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