प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ, भारत को भरोसा... G-7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद द्विपक्षीय मुलाकात हुई. 19 मिनट की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की कार्यशैली और अपनी पक्की दोस्ती की जमकर तारीफ की. इस दौरान पीएम मोदी ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान जहाजों पर हुए हमलों और 3 भारतीय नाविकों की मौत का गंभीर मुद्दा उठाया.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती की एक नई और मुकम्मल परिभाषा दुनिया के सामने रखी. (Photo- PTI) अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती की एक नई और मुकम्मल परिभाषा दुनिया के सामने रखी. (Photo- PTI)

आजतक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

फ्रांस के एवियन शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद हुई आमने-सामने की महा-मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं रही. इस मुलाकात ने उन तमाम अटकलों पर भी विराम लगा दिया, जिनमें भारत-अमेरिका संबंधों में तल्खी या दूरी की बात कही जा रही थी. दोनों नेताओं ने न केवल व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की, बल्कि उनके बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री भी दुनिया के सामने खुलकर दिखाई दी.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती की एक नई और मुकम्मल परिभाषा दुनिया के सामने रखी. करीब 19 मिनट की इस विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने मोदी के काम करने के अंदाज, उनके साथ अपनी पर्सनल केमिस्ट्री और दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास को बड़े ही दिलचस्प तरीके से समझाया. वाशिंगटन से आया ट्रंप का सीधा संदेश यही है वे मोदी के मुरीद हैं और यह दोस्ती अटूट है.

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत के हितों से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से ट्रंप के सामने रखा. खासतौर पर ओमान की खाड़ी के पास हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत और होर्मुज की सुरक्षा का विषय प्रमुख रहा.

'मोदी टफ नेगोशिएटर हैं'

व्यापार वार्ता से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत की शैली का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मोदी बेहद सख्त लेकिन प्रभावी वार्ताकार हैं. ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा कि पहली नजर में मोदी बेहद शांत और विनम्र दिखाई देते हैं, लेकिन जब भारत के हितों की बात आती है तो वह बेहद मजबूत और कठोर रुख अपनाते हैं.

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ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता करना आसान नहीं होता क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी अपने देश के हितों पर कोई समझौता नहीं करते. उन्होंने इसे सकारात्मक गुण बताते हुए कहा कि हर देश को ऐसा ही नेतृत्व मिलना चाहिए.

भारत की बढ़ती भूमिका का भी किया जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है. उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की प्रमुख ताकतों में और प्रभावशाली भूमिका निभाएगा. ट्रंप ने यह भी याद किया कि पिछली बार भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह उनका स्वागत किया था, वह आज भी उनके लिए यादगार है. ट्रंप ने फरवरी 2020 की अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि वे भारत की उस ऐतिहासिक मेहमाननवाजी को आज भी नहीं भूले हैं. इसमें हजारों लोग स्टेडियम में जुटे थे.

ट्रंप ने कहा कि पिछली बार भारत का दौरा बहुत शानदार रहा था. हमने उस नए स्टेडियम का उद्घाटन किया था और मुझे लगता है कि वहां 3 से 4 लाख लोग मौजूद थे. स्टेडियम में लगभग 1,50,000 लोगों के बैठने की जगह थी, जबकि 2,50,000 लोग बाहर थे और 1,00,000 लोग घास पर बैठे थे. मुझे नहीं पता कि वे रिकॉर्ड टूटे हैं या नहीं, लेकिन भारत में मेरा समय बहुत अच्छा बीता. 

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आजतक के सवाल का दिया ये जवाब

इस दौरान आजतक के संवाददाता प्रणय उपाध्याय ने राष्ट्रपति ट्रंप से भारत को लेकर एक अहम सवाल किया. उन्होंने पूछा, 'आप अक्सर कहते हैं कि आपके राष्ट्रपति रहते, व्हाइट हाउस में भारत और भारतीयों का एक बहुत अच्छा दोस्त मौजूद है. लेकिन आपके कुछ फैसलों से भारत में परेशानी और तकलीफ हुई है. आप भारत के लोगों और नेताओं को कैसे भरोसा दिलाना चाहेंगे?' इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'मैं जब तक राष्ट्रपति हूं व्हाइट हाउस में भारत का एक बहुत अच्छा दोस्त मौजूद है. मुझे पता नहीं परेशानी कहां हो रही है. मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मैं और यहां मौजूद हर व्यक्ति भारत से प्यार करता है और इस व्यक्ति (पीएम मोदी) के लिए बहुत सम्मान रखता है.'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को 'अपना बेहद करीबी दोस्त' और 'कड़ा वार्ताकार' बताया. उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं. ट्रंप ने कहा, 'मैं भविष्य में कभी भारत आऊंगा.' G7 सम्मेलन में हुई चर्चाओं का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी कई नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत हुई, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं.

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उन्होंने कहा, 'फ्रांस में हमारी कई शानदार बैठकें हुईं. यह G7 है, आगे G20 भी आने वाला है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारी बेहद अच्छी बातचीत हुई. हम व्यापार समझौतों पर काम कर रहे हैं. अमेरिका और भारत के बीच कई महत्वपूर्ण चीजें हो रही हैं.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री अमेरिका में बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं और काफी पैसा खर्च कर रहे हैं. हम इसकी सराहना करते हैं.'

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों का मुद्दा

जहां ट्रंप ने दोस्ती और रिश्तों की बात की, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे भारत के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी. मोदी ने ओमान की खाड़ी के पास हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला राष्ट्रपति ट्रंप के सामने उठाया. उन्होंने कहा कि समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुचारु रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लाखों नाविक दुनिया के अलग-अलग समुद्री मार्गों पर कार्यरत हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रीढ़ बने हुए हैं. इसलिए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारत की चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी मजबूती से उठाया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना बेहद आवश्यक है. मोदी ने कहा कि दुनिया के अधिकांश ऊर्जा और व्यापारिक जहाज इसी मार्ग से गुजरते हैं. यदि यहां अस्थिरता बनी रहती है तो इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. इसलिए सभी देशों को मिलकर समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी की बात सुनने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय नाविकों की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने इस घटना के बारे में सुना है. उन्होंने इसे बेहद कठिन पेशा बताया और कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर भारत के साथ मिलकर काम करेगा. ट्रंप ने कहा कि समुद्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन दोनों देश मिलकर नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे. उनके इस बयान को भारत-अमेरिका के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "यह बेहद मजबूत संबंध है. अगर भारत पर हमला होता है, तो हम उसकी मदद के लिए मौजूद रहेंगे. अगर कोई इस व्यक्ति (मोदी) पर हमला करता है, तो हम साथ खड़े होंगे. अगर भारत पर हमला होता है और मोदी नेता हैं, तो हम उनकी मदद करेंगे." प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि वह लंबे समय से मेरे दोस्त हैं. हमारे रिश्ते हमेशा बहुत अच्छे रहे हैं और आपके साथ होना शानदार है."

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