रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब और तेज होती नजर आ रही है. पिछले चार साल से जारी जंग रुकवाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर करीब घंटेभर बात की. इस बातचीत के कुछ ही घंटों बाद रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोन की बारिश कर दी. अब यूक्रेन ने भी रूसी रिफाइनरी पर हमले का दावा किया है.
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि मॉस्को की ईंधन आपूर्ति चार प्रमुख रिफाइनरियों पर निर्भर थी. इन चार में से तीन रिफाइनरियां पहले ही बंद हो चुकी हैं या इनको भारी नुकसान हुआ है. अब चौथी रिफाइनरी को भी भारी नुकसान पहुंचा है. कीव के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यारोस्लाव्ल रिफाइनरी को यूक्रेन के हमले में भारी नुकसान हुआ है.
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रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यूक्रेनी सेना की प्रथम कोर के ऑपरेटर, 412वीं ब्रिगेड नेमेसिस और रेड 413 ने इस हमले को अंजाम दिया. इसमें सैन्य खुफिया एजेंसी, सुरक्षा सेवा के साथ ही सीमा सुरक्षा सेवा और विदेशी खुफिया सेवा का भी सहयोग लिया गया. वहीं, यूक्रेन की सेना ने कहा है कि रूस के ओम्स्क क्षेत्र में तेल रिफाइनरी पर हमला किया गया है.
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यूक्रेनी सेना के मुताबिक हमले के बाद रूसी रिफाइनरी में आग लग गई. यह रिफाइनरी यूक्रेन-रूस की सीमा से करीब ढाई हजार किलोमीटर दूर है. गौरतलब है कि रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर कुल 68 मिसाइलें दागीं और 351 सुसाइड अटैक ड्रोन से हमले किए. रूसी हमले से कीव दहल उठा. रूस ने इस्कंदर-एम, एस-400 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ ही जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल थीं.
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