रूसी तेल टैंकर पर ब्रिटेन का छापा, एक भारतीय नागरिक भी गिरफ्तार

ब्रिटिश अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल से एक रूसी तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. इस जहाज पर रूस के खिलाफ लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप है. इस मामले में एक भारतीय नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है.

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एनसीए ने बताया कि टैंकर पर 24 भारतीय और जॉर्जियाई क्रू सदस्य मौजूद हैं. (Photo: Reuters) एनसीए ने बताया कि टैंकर पर 24 भारतीय और जॉर्जियाई क्रू सदस्य मौजूद हैं. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:45 PM IST

रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में ब्रिटिश अधिकारियों ने इंग्लिश चैनल से एक रूसी तेल टैंकर को जब्त किया है. इस मामले में एक 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है.

यह गिरफ्तारी ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और आर्म्ड फोर्सेज के एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान हुई. इसके तहत रविवार को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास इंटरनेशनल जल क्षेत्र में तेल टैंकर 'स्मर्टोस' को रोका गया.

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने बताया, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने के उद्देश्य से चलाए गए 6 घंटे के ऑपरेशन के दौरान रॉयल मरीन कमांडो और विशेष रूप से प्रशिक्षित एनसीए अधिकारी जहाज पर सवार हुए.

यह भी पढ़ें: जंग रुक गई, अब खाड़ी में फंसे 18,000+ भारतीय नाविकों को निकालने का चैलेंज

एनसीए के अनुसार, भारतीय नागरिक को रूस से संबंधित UK नियमों के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन के संदेह में गिरफ्तार किया गया.

एनसीए के एक प्रवक्ता ने कहा, 14 जून की सुबह रूसी शैडो फ्लीट के एक जहाज को रोके जाने के बाद, नेशनल क्राइम एजेंसी के अधिकारियों ने रूस से संबंधित नियमों के तहत प्रतिबंधों के उल्लंघन के संदेह में 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है.

एनसीए ने बताया कि अभी भी टैंकर पर 24 भारतीय और जॉर्जियाई क्रू सदस्य मौजूद हैं और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं. यह जहाज ब्रिटिश अधिकारियों की देखरेख में डॉर्सेट तट के पास खड़ा है.

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UK रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी फुटेज में रॉयल मरीन कमांडो को अंधेरे में चिनूक हेलीकॉप्टर से टैंकर पर उतरते और फिर एनसीए अधिकारियों के साथ तलाशी अभियान चलाते हुए दिखाया गया है.

कैमरून के झंडे के साथ चल रहा यह टैंकर 5 जून को सेंट पीटर्सबर्ग के पास रूस के उस्त-लुगा बंदरगाह से निकला था और खबरों के अनुसार मिस्र के पोर्ट सईद की ओर जा रहा था. समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, UK ने जुलाई 2025 में इस जहाज पर प्रतिबंध लगाया था और तब से इसने प्रतिबंधों से बचने की कोशिश में अपना नाम और पंजीकरण झंडा दोनों बदल लिए हैं.

UK सरकार रूस के शैडो फ्लीट को सैकड़ों पुराने टैंकरों के एक नेटवर्क के रूप में बताती है, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से ओनरशिप और मूल स्थान को छिपाते हुए प्रतिबंधित रूसी तेल के परिवहन के लिए किया जाता है.

प्रधानमंत्री स्टार्मर ने इस ऑपरेशन को एक जरूरी कदम बताया. रक्षा मंत्री डैन जार्विस ने भी इस ऑपरेशन की तारीफ़ की और कहा कि रूस युद्ध के लिए पैसे जुटाने के लिए अपने 'शैडो फ्लीट' पर बहुत ज्यादा निर्भर था.

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