मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. UAE के बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमले और आग लगने की घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है. वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वॉशिंगटन के साथ शांति समझौते के लिए वक्त तेजी से गुजर रहा है, तेहरान को जल्द से जल्द फैसला लेना होगा. चीन से वापस आने के बाद, ट्रंप ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक मीटिंग भी की है.
रविवार को यूएई के न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर एक ड्रोन हमले से आग लग गई. यह घटना ऐसे वक्त में हुई, जब ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष को खत्म करने के प्रयास रुके हुए थे और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर तनाव का खतरा बना हुआ था.
यूएई ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर किसी भी देश को दोषी नहीं ठहराया और न ही किसी समूह ने इसकी जिम्मेदारी ली है.
यूएई ने क्या कहा?
ड्रोन अटैक के बाद यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि ये ड्रोन कहां से आए थे. अधिकारियों ने बताया कि हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने दो ड्रोनों को बीच में ही रोक लिया, जबकि तीसरे ड्रोन ने न्यूक्लियर प्लांट के पास स्थित एक जनरेटर पर हमला किया. मंत्रालय ने आगे बताया कि ये ड्रोन पश्चिमी सीमा की तरफ से दाखिल हुए थे, लेकिन उसने इस बारे में और कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.
अबू धाबी मीडिया दफ्तर के मुताबिक, ड्रोन ने न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के सुरक्षित आंतरिक क्षेत्र के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि हमले की वजह से प्लांट के पास आग लग गई थी और एक रिएक्टर को अस्थायी तौर पर आपातकालीन डीजल जनरेटर पर चलाना पड़ा.
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