रूस ने पाकिस्तान के लिए किया ऐसा काम, गदगद हुए शहबाज

पाकिस्तान फिलहाल आर्थिक बदहाली और डॉलर की भारी कमी से जूझ रहा है. पर्याप्त डॉलर के अभाव में पाकिस्तान कई जरूरी चीजों का आयात नहीं कर पा रहा. वो अपनी ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहा है. इसी बीच रूस से उसे बड़ी मदद मिली है.

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शहबाज शरीफ ने रूस से तेल का पहला कार्गो पहुंचने पर खुशी जताई है (Photo- AFP) शहबाज शरीफ ने रूस से तेल का पहला कार्गो पहुंचने पर खुशी जताई है (Photo- AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2023,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

चौतरफा मुश्किलों से घिरे पाकिस्तान को रूस ने बड़ी राहत दी है. रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानकारी दी कि पाकिस्तान और रूस के बीच हुए नए तेल समझौते के तहत रियायती कच्चे तेल की पहली खेप पाकिस्तान पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान-रूस के रिश्तों में एक नई शुरुआत है.

रूस से तेल की पहली खेप मिलने पर खुशी जताते हुए शहबाज शरीफ ने ट्वीट किया, 'मैंने देश से किया अपना एक और वादा पूरा किया. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रियायती रूसी कच्चे तेल की पहली खेप कराची पहुंच चुकी है और कल से उसकी निकासी शुरू हो जाएगी.'

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शहबाज शरीफ ने लिखा कि यह पाकिस्तान के लिए परिवर्तन वाला दिन है. हम समृद्धि, आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और सामर्थ्य के एक कदम और करीब पहुंच रहे हैं. 

शहबाज ने लिखा, 'यह पाकिस्तान को पहला रूसी तेल कार्गो है. यह पाकिस्तान और रूस के बीच एक नए रिश्ते की शुरुआत है. मैं उन सभी की सराहना करता हूं जो इस राष्ट्रीय कोशिश का हिस्सा बने रहे और रूसी तेल खरीद के वादे को हकीकत में बदलने में अपना योगदान दिया.'

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बंदरगाह के एक अधिकारी ने बताया कि तेल निकासी की प्रक्रिया चल रही है. कच्चे तेल का यह कार्गो रूस से एक महीने पहले निकला था और ओमान के रास्ते पाकिस्तान के कराची बंदरगाह तक पहुंचा है. अधिकारियों ने बताया कि रूस से आयातित इस तेल को पाकिस्तान रिफाइनरी लिमिटेड (PRL) रिफाइन करेगी.

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अप्रैल के महीने में रूस और पाकिस्तान के बीच रियायती तेल खरीद को लेकर समझौता हुआ था. पाकिस्तान को रूस के साथ इस तेल समझौते से बड़ी राहत मिली है क्योंकि उसका विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो गया है और उस पर डिफॉल्ट का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान अपने कच्चे तेल का 70% आयात करता है.

पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह एक टेस्ट कार्गो है और इस कच्चे तेल को रिफाइन करने के बाद इसकी क्वालिटी को लेकर PRL पाकिस्तान सरकार को रिपोर्ट भेजेगी. इस रिपोर्ट के बाद ही शहबाज शरीफ सरकार ऑयल डील को जारी रखेगी.

रूसी कार्गो देश से एक लाख बैरल तेल लेकर चला था. लेकिन एक महीने की लंबी यात्रा के दौरान ओमान में इसे दो छोटे जहाजों में आधा-आधा बांट दिया गया क्योंकि कराची बंदरगाह के पास इतने बड़े कार्गो को हैंडल करने की क्षमता नहीं है.

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिम ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं और रूसी तेल पर भी प्राइस कैप लगा है. प्रतिबंधों को देखते हुए रूस ने भारत और चीन को भारी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल बेचना शुरू किया. युद्ध के पहले भारत और चीन रूस से बेहद कम मात्रा में तेल खरीदते थे लेकिन अब रूस दोनों देशों का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है.

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कैसे होगा भुगतान?

रूस ने पाकिस्तान से कहा है कि वो इस तेल खरीद के लिए तीन मुद्राओं- संयुक्त अरब अमीरात दिरहम, चीनी युआन और रूसी रूबल में भुगतान कर सकता है. इसके बाद पाकिस्तान और रूस में रूबल में भुगतान करने पर सहमति बनी है.

पाकिस्तान ने देश में डॉलर की कमी और यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस के बीच विवाद को देखते हुए चीन के बैंक ऑफ चाइना में लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) खोला था. अब चीनी बैंक के जरिए ही पाकिस्तान रूसी तेल खरीद का भुगतान करेगा. 

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