नाव डूबने से म्यांमार से बांग्लादेश आ रहे 12 रोहिंग्याओं की मौत

बांग्लादेश और म्यांमार के बीच नफ नदी में एक नाव के डूबने से करीब 12 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत हो गई है. अभी तक इनके शव नहीं मिल पाए हैं. गौरतलब है कि म्यांमार से बांग्लादेश आते हुए कई रोहिंग्या अपनी जान गंवा चुके हैं.

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रोहिंग्या शरणार्थी (फाइल) रोहिंग्या शरणार्थी (फाइल)

मोहित ग्रोवर

  • बांग्लादेश,
  • 09 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 8:43 AM IST

बांग्लादेश और म्यांमार के बीच नफ नदी में एक नाव के डूबने से करीब 12 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत हो गई है. अभी तक इनके शव नहीं मिल पाए हैं. गौरतलब है कि म्यांमार से बांग्लादेश आते हुए कई रोहिंग्या अपनी जान गंवा चुके हैं.

आपको बता दें कि के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप बनाने पर काम कर रहा है. इस कैंप में लगभग 8 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को जगह दी जा सकेगी. यह कैंप म्यांमार सीमा के पास ही कुतुपलोंग में बनाया जा रहा है. अभी तक के आंकड़ों के मानें, तो अभी तक 4 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं.

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रोहिंग्या घुसपैठ की आशंका के चलते भारत- बांग्लादेश सीमा के 140 पॉइंट पर अलर्ट बढ़ाया दिया गया है. भारत और बांग्‍लादेश के सीमा सुरक्षा बलों की 6 दिवसीय कॉन्फ्रेंस दिल्ली में बीते शुक्रवार को संपन्‍न हुई.

इस मौके पर बांग्लादेश की यानी बीजीबी और भारत की बॉर्डर गार्डिंग फ़ोर्स बीएसएफ़ के डीजी ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें बांग्लादेश से भारत मे आने वाले रोहिंग्या मुस्लिम का मुद्दा भी शामिल था. 

पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें रोहिंग्या मुस्लिमों ने बांग्लादेश से भारत की सीमा में दाखिल होने की कोशिश की है. ये घटनाएं त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में सामने आई हैं, लेकिन बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने उन्हें वापस बांग्लादेश की सीमा में भेज दिया है. 

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