अवैध अप्रवासियों की ब्रिटेन में No Entry... ऋषि सुनक ने बनाया जहाज पर रखने का प्लान

ब्रिटेन की सरकार अवैध प्रवासियों पर काफी सख्ती दिखा रही है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि अवैध प्रवासियों को अब होटलों के बजाए जहाजों पर रखा जाएगा. सरकार एक कानून भी लेकर आई है जिसके जरिए उसे अवैध प्रवासियों को हिरासत में लेने और उन्हें निर्वासित करने का अधिकार मिल जाएगा.

Advertisement
ऋषि सुनक अवैध प्रवासियों के प्रति बेहद सख्त रहे हैं (Photo- Reuters) ऋषि सुनक अवैध प्रवासियों के प्रति बेहद सख्त रहे हैं (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जून 2023,
  • अपडेटेड 2:48 PM IST

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अवैध प्रवासियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उन्हें टैक्सपैयर्स के पैसों पर होटलों में नहीं रखा जाएगा बल्कि वो जहाजों पर रखे जाएंगे. सोमवार को सुनक ने अवैध प्रवासियों पर भड़कते हुए कहा कि उन्हें जितना दिया जाना चाहिए, ब्रिटेन की सरकार उन्हें उससे कहीं अधिक दे रही है इसलिए वो होटलों में शेयरिंग रूम में रखे जाने को लेकर प्रदर्शन न करें.

Advertisement

सुनक ने दावा किया कि  'स्टॉप द बॉट' का उनका प्लान काम कर रहा है और अवैध प्रवासियों को अब नावों पर रखा जाएगा.

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनक ने दावा किया कि अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए उनकी योजना 'स्टॉप द बोट' काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत तक अवैध प्रवासियों को रखने के लिए एक जहाज तैयार हो जाएगी. इसके बाद एक हजार और प्रवासियों को रखने के लिए दो और जहाज मंगाए जाएंगे.

भारतीय मूल के सुनक ने कहा, 'मैं आपसे वादा किया था कि हम अवैध प्रवासियों को होटलों से बाहर निकालेंगे, और सैन्य सुविधाओं सहित वैकल्पिक जगहों पर उन्हें ले जाएंगे.'

सुनक ने आगे कहा, 'स्थानीय लोगों पर दबाव कम करने के लिए, हम उन्हें जहाजों पर भी रखेंगे. इस तरह का पहला जहाज अगले पखवाड़े में हमें मिल जाएगा. हमने दो और जहाज मंगाए हैं जिसमें एक हजार अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा.'

Advertisement

उन्होंने बताया कि अवैध प्रवासन बिल या 'स्टॉप द बोट्स' बिल को हाउस ऑफ कॉमन्स ने अपनी मंजूरी दे दी है. यह कानून ऋषि सुनक की सरकार को अवैध रूप से देश में घुसने वाले प्रवासियों को हिरासत में लेने और उन्हें निर्वासित करने का अधिकार देगा.

ब्रिटेन अवैध प्रवासियों को रखने के लिए वेथर्सफील्ड और स्कैम्पटन में बड़े साइट बना रहा है जहां अगले महीने से प्रवासी को रखा जाएगा. इस साल के अंत तक इस साइट की क्षमता बढ़कर 3,000 होने की उम्मीद है. 

अवैध प्रवासियों के प्रदर्शन पर भड़के सुनक

सुनक ने कहा कि अब जिन प्रवासियों को होटलों में रखा भी जाएगा उन्हें रूम शेयर करना होगा. हाल ही में अवैध प्रवासियों ने होटल में रूम शेयर करने के लिए बाध्य किए जाने पर लंदन में प्रदर्शन किया था.

इसी संदर्भ में सुनक ने कड़े शब्दों में कहा, ' जहां संभव होगा, हम उन्हें कमरे साझा करने के लिए कहेंगे. इसके लिए हमने अतिरिक्त 11,500 जगह खोजे हैं और इससे हम प्रतिवर्ष टैक्सपेयर्स के 25 करोड़ पाउंड बचाएंगे. और जो प्रवासी शेयरिंग रूम को लेकर आपत्ति जता रहे हैं, मैं उनसे कह रहा हूं कि आपको जितना देना उचित था, हम उससे कहीं अधिक कर रहे हैं आपके लिए.'

सुनक ने आगे कहा, 'आप मौत, यातना, उत्पीड़न से बचने के लिए आश्रय का दावा कर यहां अवैध रूप से आ रहे हैं तो आपको लंदन के होटल में कमरे साझा करने के लिए तैयार रहना चाहिए.'

Advertisement

प्रवासियों के कारण खर्च हो रहा टैक्सपेयर्स का लाखों पाउंड

ऋषि सुनक ने कहा कि सुरक्षित देशों से भी ब्रिटेन में लोग आ रहे हैं जिससे ब्रिटेन के शरणार्थी सिस्टम पर दबाव पड़ रहा है. इससे सरकार की जरूरतमंद लोगों की मदद करने की क्षमता प्रभावित होती है. ब्रिटेन की सरकार प्रतिदिन अपने टैक्सपेयर्स का लगभग 60 लाख पाउंड अवैध प्रवासियों पर खर्च कर रही है.

अक्टूबर 2022 में सत्ता में आने के बाद से ही सुनक अवैध प्रवासियों को लेकर सख्त रहे हैं. अवैध प्रवासियों को देश मे घुसने से रोकना उनकी पहली प्राथमिकताओं में शामिल रही है.

अपनी स्टॉप द बोट प्लान की सफलता का दावा करते हुए सुनक ने कहा, 'जब से मैंने योजना शुरू की है, पांच महीनों में, क्रॉसिंग अब पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत कम हैं... लेकिन अभी हम अपनी इस सफलता से संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि हम जानते हैं कि तस्कर संगठित तरीके से काम करते हैं और अगर हम उन्हें जाने देंगे तो वे अपनी रणनीति बदल देंगे. मैं नावों के रुकने तक आराम नहीं करूंगा.'

सुनक ने यह भी जानकारी दी कि फ्रांस, बुल्गारिया और अल्बानिया सहित कई पश्चिमी देशों से अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के लिए समझौता किया गया है और यह समझौता सफल भी रहा है. 

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »