अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बेहतर होते संबंधों को लेकर अहम बयान दिया है. सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व की खुलकर सराहना की है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ सच्ची दोस्ती कायम की है. दोनों देशों के बीच विकसित हो रहे रिश्ते क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
दक्षिण एशिया की बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच आए इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है. खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका एक साथ भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. शांगरी-ला डायलॉग के दौरान हेगसेथ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का विशेष रूप से जिक्र किया.
पीट हेगसेथ ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने शांति बनाए रखने और संवाद को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा, "मैं बहुत आसानी से पाकिस्तान और शांति वार्ता में फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री की भूमिका का जिक्र कर सकता था." उनके इस बयान को अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के नेतृत्व के प्रति सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
अमेरिकी रक्षा सचिव ने वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच बढ़ते सहयोग को एक अप्रत्याशित घटनाक्रम बताया. उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में दोनों देशों के बीच संवाद और संपर्क में तेजी आई है. यह रिश्ता लगातार अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्थिरता में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखता रहा है.
भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रंप की भूमिका
अपने संबोधन के दौरान पीट हेगसेथ ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों पड़ोसी देशों के साथ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का समर्थक रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने और स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका दोनों देशों के साथ सक्रिय संपर्क बनाए हुए है.
'फिलहाल कोई मिसाइल का खतरा नहीं'
कार्यक्रम के दौरान जब हेगसेथ से भारत और पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल इन दोनों देशों में से किसी को भी अपने लिए किसी तरह के खतरे के रूप में नहीं देखता. उन्होंने कहा, "हम इन दोनों में से किसी भी देश पर उंगली नहीं उठा रहे हैं और न ही उन्हें अपने लिए खतरा बता रहे हैं."
तुलसी गबार्ड की गवाही के बाद बयान
हेगसेथ ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों की अपनी-अपनी सुरक्षा संबंधी वास्तविक चिंताएं हैं. ऐसे में दोनों देश अपनी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमताओं को विकसित करते रहेंगे, जो उनके राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है. उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मार्च में US सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने एक अहम गवाही दी थी.
मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहा पाक
उस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को उन देशों की सूची में शामिल किया था जो ऐसे मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहे हैं. उनकी मारक क्षमता भविष्य में अमेरिका की धरती तक पहुंच सकती है. इस संदर्भ में जब हेगसेथ से सवाल पूछा गया तो उन्होंने मौजूदा अमेरिकी आकलन को स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल भारत और पाकिस्तान को अमेरिका किसी प्रत्यक्ष मिसाइल खतरे के रूप में नहीं देख रहा है.
भारत को बताया दक्षिण एशिया का स्तंभ
पाकिस्तान की तारीफ के साथ-साथ अमेरिकी रक्षा सचिव ने भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को भी दोहराया. उन्होंने भारत को दक्षिण एशिया में एक अहम स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. भारत के सैन्य आधुनिकीकरण की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका और भारत रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर साथ काम कर रहे हैं.
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