'रिकॉर्ड कीमत पर तेल मंगा रहे, पैसा भरो', ईरान जंग में सरपंच बने PAK की सरकार से कंपनियां कर रहीं ये मांग

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया है जिस कारण पाकिस्तान को पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद में भारी प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है. पाकिस्तान स्टेट ऑयल ने तेल नियामक को पत्र लिखकर बढ़े हुए प्रीमियम पर निराशा जताई है. कंपनी का कहना है कि प्रीमियम सरकार को खुद वहन करना चाहिए.

Advertisement
पाकिस्तान की कंपनियां रिकॉर्ड कीमत पर तेल खरीद रही हैं (Photo:Reuters) पाकिस्तान की कंपनियां रिकॉर्ड कीमत पर तेल खरीद रही हैं (Photo:Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

ईरान जंग के बीच पाकिस्तान को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खरीद के लिए रिकॉर्ड कीमत चुकानी पड़ रही है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस सप्लाई के अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है जिससे तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. ईरान जंग के कारण सप्लाई की दिक्कत के बीच पाकिस्तान पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खरीद पर रिकॉर्ड ऊंचा 34 डॉलर प्रति बैरल प्रीमियम चुका रहा है.

Advertisement

इससे पहले पाकिस्तान की सरकारी तेल कंपनी पाकिस्तान स्टेट ऑयल (PSO) बेंचमार्क कीमतों से करीब 12 डॉलर प्रति बैरल अधिक भुगतान कर रही थी.

पाकिस्तानी अखबार, 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी कंपनी ने पाकिस्तान के तेल नियामक को पत्र लिखकर कहा है कि विदेश से डीजल खरीदने में बहुत ज्यादा अतिरिक्त पैसा यानी प्रीमियम देना पड़ रहा है. यह बढ़ा हुआ खर्च आम जनता पर न डाला जाए. यानी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर लोगों से पैसा न लिया जाए. कंपनी चाहती है कि सरकार खुद यह अतिरिक्त पैसा दे और नुकसान की भरपाई करे.

PSO ने कहा कि इस समय पाकिस्तान के लिए ज्यादातर हाई-स्पीड डीजल (HSD) वही मंगा रही है, इसलिए जो ज्यादा प्रीमियम लग रहा है, वो PSO और दूसरी तेल कंपनियों को वापस मिलना चाहिए.

PSO ने कहा, 'इस समय हाई-स्पीड डीजल (HSD) का आयात मुख्य रूप से PSO कर रही है और हम इसकी खरीद के लिए बहुत अधिक पैसा चुका रहे हैं. इसे देखते हुए हमारा सुझाव है कि हाई प्रीमियम केवल PSO और अन्य आयातक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को ही वापस किया जाए, न कि इसे सीधे एक्स-रिफाइनरी कीमत में जोड़ा जाए.'

Advertisement

कंपनी ने पाकिस्तान के तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) को लिखे पत्र में कहा, 'हाल ही में PSO के लिए स्वेज क्षेत्र से आए HSD कार्गो एमटी कालिबान पर 35.612 डॉलर प्रति बैरल प्रीमियम देना पड़ा है.'

तेल और गैस आयात पर निर्भर है पाकिस्तान

पाकिस्तान तेल और गैस आयात पर बेहद निर्भर है और अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल विदेशों से खरीदता है. मार्च में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स ने चेतावनी दी थी कि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में हर अतिरिक्त 10 डॉलर की बढ़ोतरी से देश के ऊर्जा आयात बिल में 1.8 अरब से 2 अरब डॉलर तक का इजाफा होगा.

पाकिस्तान होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आने वाली आपूर्ति पर भी काफी निर्भर है. वो कतर से LNG, कुवैत से डीजल और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी से कच्चा तेल आयात करता है.

इसी वजह से स्ट्रेट के बंद रहने से पाकिस्तान पर ज्यादा असर पड़ा है और शहबाज शरीफ की सरकार वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रही है. मार्च की शुरुआत में रिपोर्ट आई थी कि पाकिस्तान लाल सागर के यानबू बंदरगाह से निर्यात होने वाले सऊदी तेल के प्राथमिक खरीदारों में जगह बनाने की कोशिश कर रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »