अमेरिका और ईरान के बीच जंग के 12वें दिन अमेरिका ने ईरान के शालमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग के पास मिसाइल हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और ग्यारह लोग घायल हो गए. यह जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया ने दी है. इसके अलावा अमेरिका ने ईरान के अहवाज़, रामशिर और अंदीमेश्क शहरों के पास भी हमले किए हैं.
अमेरिकी सेना का कहना है कि ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे हैं. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज में किसी जहाज पर हमला किया तो अमेरिका बदले में ईरान का एक पुल या पावर प्लांट तबाह कर देगा.
अमेरिका का यह मिसाइल हमला शालमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग के पैसेंजर टर्मिनल के पास हुआ है. यह क्रॉसिंग ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत और इराक के बीच व्यापार और धार्मिक यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाला अहम रास्ता है. इस इलाके में ईरानी पुलिस का एक रेस्ट सेंटर भी है.
हमले के बाद भी इस बॉर्डर पर आवाजाही जारी है और मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. खुज़ेस्तान प्रांत के सुरक्षा और कानून व्यवस्था मामलों के डिप्टी ने इस हमले की पुष्टि की और इसे अमेरिका का हमला बताया. यह जानकारी तस्नीम न्यूज़ और IRIB News के हवाले से सामने आई है.
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यह जंग होर्मुज पर कब्जे की लड़ाई बन चुकी है, जहां से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है. इस स्ट्रेट के बंद होने से दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अब आंख के बदले आंख की नीति अपनाएगा.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका अब तक इस जंग पर करीब 37.5 अरब डॉलर खर्च कर चुका है. वहीं कूटनीतिक बातचीत में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है और दोनों पक्ष अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
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