इजरायल और रूस की सेनाओं को अचानक UN ने ब्लैकलिस्ट क्यों कर दिया? जानें पूरा मामला

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इजरायली और रूसी सेनाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया है. रिपोर्ट में युद्ध के दौरान बनाए गए बंदियों के साथ दुर्व्यवहार और संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के मामलों का जिक्र किया गया है.

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संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तंग आ चुके हैं. (File Photo: ITG) संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तंग आ चुके हैं. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:10 AM IST

संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक वार्षिक रिपोर्ट, जो दुनियाभर के संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के मामलों को दर्ज करती है, इसमें पहली बार इजरायली सुरक्षा बलों को शामिल किया गया है. रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का जिक्र किया गया है. हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.

35 पन्नों की रिपोर्ट में दुनियाभर के 12 देशों के 77 सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ऐसे मामलों में 2024 की तुलना में काफी बढ़ोतरी हुई. यूक्रेन में युद्ध के दौरान हिरासत में लिए गए युद्धबंदियों और नागरिकों के खिलाफ यौन हिंसा के लिए रूसी सशस्त्र और सुरक्षा बलों को भी इस साल पहली बार ब्लैकलिस्ट किया गया.

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2025 की सूची में इजरायल के सशस्त्र और सुरक्षा बलों के साथ-साथ हमास के आतंकवादी भी शामिल हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल में उनके हमले के बाद ब्लैकलिस्ट कर दिया गया.

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले साल की रिपोर्ट में इजरायल और रूस दोनों को चेतावनी दी थी कि उन्हें इस सूची में शामिल किया जा सकता है. वहीं, अब दोनों देशों के राजदूतों ने उनके शामिल किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया और गुटेरेस की कड़ी आलोचना की.

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेन्ज़िया ने कहा, हम महासचिव को पत्र लिखकर कहेंगे कि ये निराधार झूठ और आरोप हैं जो रूस को एक बार फिर विलन के रूप में पेश करते हैं, जैसा कि वे हमेशा करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रूस यूक्रेन द्वारा रूसी युद्धबंदियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है.

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संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, हम इस संयुक्त राष्ट्र महासचिव से तंग आ चुके हैं. गुटेरेस ने इजरायल को हमास, आईएसआईएस और दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकवादी संगठनों की श्रेणी में डाल दिया है.डैनन ने कहा कि इजरायल ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के संबंध में दस्तावेज, आंकड़े और विस्तृत जवाब उपलब्ध कराए हैं.

रिपोर्ट में क्या कहा गया?

बता दें, एपी के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में संयुक्त राष्ट्र इजरायल और कब्जे वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में हिरासत में लिए गए फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ यौन हिंसा के पैटर्न का दस्तावेजीकरण करने में सक्षम था, और गाजा और वेस्ट बैंक के 14 पुरुषों, 7 महिलाओं, 9 लड़कों और एक लड़की के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों की पुष्टि की गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि 13 मामले 2025 में और 18 मामले 2023 और 2024 में हुए.

रिपोर्ट में बताया गया है, अपराधों में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, बलात्कार का प्रयास, शारीरिक हिंसा जैसे मामले शामिल हैं. रिपोर्ट में कम से कम 9 पीड़ितों का जिक्र है, जिनमें ज्यादातर गाजा के लोग थे. आरोप है कि उनके साथ इजरायली सेना, जेल सेवा, विशेष बलों और पुलिस इकाइयों के कर्मियों ने दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म किया.

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इजरायल के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने इन आरोपों का पूरी तरह, स्पष्ट और ठोस तरीके से खंडन किया है. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यह फैसला इजरायल के प्रति संयुक्त राष्ट्र की लंबे समय से चली आ रही, संस्थागत शत्रुता का एक और उदाहरण है.

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