ईरान के खिलाफ इजरायल का 21 दिन का प्लान, तेहरान समेत कई शहरों पर होगी ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक

इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है. इजरायल ने कहा है कि उसके पास कम से कम तीन हफ्तों तक युद्ध चलाने की विस्तृत योजना है. लगातार हवाई हमलों और ड्रोन हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है.

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ईरान के खिलाफ इजरायल का प्लान तैयार. (Photo: Reuters) ईरान के खिलाफ इजरायल का प्लान तैयार. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • तेल अवीव/दुबई,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इजरायल ने कहा है कि उसके पास ईरान के खिलाफ कम से कम तीन और हफ्तों तक सैन्य कार्रवाई  करने की विस्तृत योजना है. इस बीच इजरायली सेना ने रातभर ईरान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए.

इजरायल के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के खिलाफ अगले तीन हफ्तों के लिए विस्तृत सैन्य योजना तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि इसके बाद के लिए भी अतिरिक्त योजनाएं मौजूद हैं. इजरायली सेना का कहना है कि उसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, खासकर बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे, परमाणु सुविधाओं और सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाना.

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तीसरे हफ्ते में पहुंचा इजरायल-ईरान युद्ध

इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. ईरान ने इजरायल की तरफ मिसाइल दागे और संयुक्त अरब अमीरात साथ ही बहरीन की ओर ड्रोन हमले किए. इन हमलों के कारण दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं. एक ईंधन भंडारण केंद्र के पास ड्रोन हमले के बाद आसमान में काला धुआं देखा गया. युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है, वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं और वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में बढ़ा तनाव

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संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह पर एक तेल सुविधा पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद तेल लोडिंग की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी. यह बंदरगाह यूएई के मुरबन कच्चे तेल के निर्यात का महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसकी मात्रा वैश्विक मांग के लगभग एक प्रतिशत के बराबर मानी जाती है. इजरायल की ओर से ईरान के कई शहरों पर हमले किए गए. इजरायली सेना ने बताया कि तेहरान, शिराज और तबरीज में ईरानी सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए. ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, मध्य ईरान के मार्काजी प्रांत में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई और सात लोग घायल हुए.

ट्रंप ने सहयोगी देशों से समुद्री मार्ग खोलने में मदद मांगी

अराक शहर के बाहरी इलाके में एक आवासीय क्षेत्र और महल्लात काउंटी की एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा. वहीं खोमेइन शहर में एक लड़कों के स्कूल को निशाना बनाया गया जिससे आसपास के इलाके को नुकसान हुआ, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. तेहरान में राहत और बचाव टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी रहीं. एक राहतकर्मी ने बताया कि बचाव अभियान लगातार जारी है और कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा रहा है. इजरायल में भी ईरानी हमलों के खतरे को देखते हुए एयर रेड सायरन बजाए गए. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने तेल अवीव, अबू धाबी में अमेरिकी अल-धाफरा एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाया है.

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ईरान के ड्रोन हमलों से दुबई एयरपोर्ट और यूएई की तेल सुविधा प्रभावित

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने में सहयोग की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नाटो सहयोगी अमेरिका की मदद के लिए आगे नहीं आते तो गठबंधन के लिए भविष्य मुश्किल हो सकता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश युद्ध में शामिल नहीं होगा लेकिन सहयोगियों के साथ मिलकर समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने की कोशिश करेगा. जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने भी सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से दूरी बनाई है. युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और फिलहाल इसके जल्द खत्म होने के संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं.

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