अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग को दो हफ्ते हो गए हैं. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. हमले में ईरान की तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में नई जंग शुरू हो गई. बदले की आग में ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन, UAE और इराक समेत कई देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है. इजरायल भी ईरान के साथ-साथ लेबनान पर बमबारी कर रहा है.
जंग के अगले ही दिन एक मार्च को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल पर मिसाइल दागी थी, जिसमें 175 लोगों की मौत हो गई थी. शुरुआती जांच में भी सामने आया है कि यह हमला अमेरिका ने ही किया था. वहीं, ईरान में भी अब तक हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेबनान ने शुक्रवार को ही दावा किया है कि इजरायली हमलों में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो हफ्तों की जंग में दो हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. सबसे ज्यादा मौतें ईरान में हुई हैं.
कहां-कितनी मौतें हुईं?
ईरान: सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया था कि हमलों में 1,270 मौतें हुई हैं. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने 6 मार्च को कहा था कि युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 1,332 लोग मारे गए हैं. हालांकि, ये साफ नहीं है कि इन आंकड़ों में उन 104 ईरानी सैनिक शामिल हैं या नहीं, जो 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में मारे गए थे.
इजरायल: इजरायली एंबुलेंस सर्विस के अनुसार, अब तक 12 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 9 लोग 1 मार्च को येरुशलम के पास बेत शेमेश पर ईरानी मिसालइ हमले में मारे गए थे. इजरायली सेना ने बताया है कि उसे दो सैनिक साउथ लेबनान में मारे गए हैं.
अमेरिका: अब तक इस जंग में 13 अमेरिकी सैनिकों कीमौत हो चुकी है. 7 सैनिक ईरानी हमलों में मारे गए हैं. जबकि, शुक्रवार को इराक के ऊपर अमेरिकी सेना का एक विमान क्रैश हो गया था, जिसमें सवार सभी 6 सैनिकों की मौत हो गई.
लेबनान: इजरायल इस जंग में लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा है. लेबनान का दावा है कि इजरायली हमलों में कम से कम 687 लोग मारे गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि मारे गए लोगों में कम से कम 98 बच्चे थे.
खाड़ी देश: खाड़ी देशों में लगभग 20 लोग मारे गए हैं, जिनमें से कई ईरानी हमलों के कारण मारे गए. इसमें सऊदी अरब के दो लोग शामिल हैं. इनकी मौत तब हुई जब राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित अल-खर्ज शहर में एक रिहायशी इलाके पर एक प्रोजेक्टाइल गिरा.
कब थमेगी जंग?
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग को दो हफ्ते हो गए हैं. जंग थमने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिका-इजरायल दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है और उसकी ज्यादातर सैन्य शक्ति को खत्म कर दिया है. जबकि, ईरान अब भी मजबूती से लड़ रहा है. इसी बीच अमेरिका ने 2,500 मरीन सैनिक और एक जंगी जहाज को मिडिल ईस्ट भेजा है. इसके बाद आशंका बढ़ गई है कि ये जंग अभी और खतरनाक हो सकती है.
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