होर्मुज के पास फंसा था फ्रांसीसी जहाज, मैक्रों ने ऐसा क्या किया कि ईरान ने तुरंत दिया रास्ता

ईरान युद्ध के दौरान फ्रांस ने अमेरिका का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है. इसके बाद ईरान ने फ्रांस के एक जहाज को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है. फ्रांस का यह जहाज मार्च से ही खाड़ी क्षेत्र में फंसा था.

Advertisement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से फ्रांस के जहाज को गुजरने की इजाजत मिली है (Photo: Marine Traffic/Reuters) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से फ्रांस के जहाज को गुजरने की इजाजत मिली है (Photo: Marine Traffic/Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

ईरान जंग में करीबी नाटो सहयोगी फ्रांस ने अमेरिका का साथ देने से साफ इनकार कर दिया है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप के सामने साफ-साफ कह दिया कि हम युद्ध में आपकी मदद नहीं कर सकते. अमेरिका को मना करने का फायदा अब फ्रांस को मिल रहा है और ईरान ने उसे एक बड़ा तोहफा दिया है.

Advertisement

ऐसे वक्त में जब दुनिया के देश होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल-गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं, ईरान ने फ्रांस की शिपिंग कंपनी के एक कंटेनर जहाज को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है.

जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM का एक कंटेनर जहाज ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार पश्चिमी यूरोप से जुड़ा ऐसा जहाज बन गया है जिसने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, माल्टा के झंडे वाला CMA CGM क्रिबी, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग लाइन से जुड़ा है, गुरुवार दोपहर दुबई के पास के समुद्री क्षेत्र से पूर्व दिशा की ओर रवाना हुआ.

जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरान के तट के पास से गुजरते समय जहाज का ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बता रहा था कि वो फ्रांसीसी कंपनी का है और केश्म और लारक द्वीपों के बीच फ्रांस का यह जहाज तय स्वीकृत मार्ग से होकर आगे बढ़ा.

Advertisement

मार्च से होर्मुज के पास फंसा था फ्रांस का जहाज

28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी में बहुत से जहाज फंस गए थे. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है.

इस रास्ते से केवल भारत, चीन, रूस, इराक, पाकिस्तान जैसे कुछ देशों, जिन्हें ईरान मित्र कहता है, के जहाजों को जाने की इजाजत है. अन्य जहाजों की तरह फ्रांस का यह जहाज भी खाड़ी क्षेत्र में मार्च से ही बीच समदंर फंसा हुआ था.

फ्रांस की शिपिंग कंपनी ने कथित तौर पर होर्मुज पार करने के लिए ईरान के समुद्री अधिकारियों से संपर्क किया जिसके बाद उन्होंने रास्ता दिया.

माना जा रहा है कि यह जहाज कांगो गणराज्य के पोइंट-नोयर की ओर जा रहा है. यह सर्विस भारत, मध्य पूर्व के खाड़ी क्षेत्र और अफ्रीका को जोड़ती है. इससे पहले चीनी कंपनियों से जुड़े जहाज भी सफलतापूर्वक इस मार्ग से गुजर चुके हैं.

होर्मुज पर टोल वसूलेगा ईरान

गुरुवार को ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी घोषणा की कि देश होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है.

Advertisement

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कथित तौर पर प्रति बैरल 1 डॉलर से टोल वसूलने की योजना बना रहा है और पेमेंट के लिए चीनी युआन या स्टेबलकॉइन जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जहाजों को मंजूरी के लिए IRGC से जुड़े मध्यस्थों को अपनी विस्तृत जानकारी देनी होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »