MoU साइन होते ही होर्मुज में बढ़ गई जहाजों की आवाजाही, शिप ट्रैकिंग डेटा क्या संकेत दे रहे

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो फंसे सुपरटैंकर सुरक्षित गुजरे हैं और कतर के 7 खाली LNG टैंकर भी इसमें में दाखिल हुए हैं. ऐसे में खाड़ी देशों से गैस की शिपिंग फिर से पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं. इससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई में राहत मिली है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें भी कम हुई हैं. विश्लेषकों का कहना है कि अब खाड़ी में फंसे और जहाज भी जल्द बाहर निकल सकते हैं.

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होर्मुज में जल्द पूरी तरह एनर्जी सप्लाई फिर बहाल हो सकती है. (Photo- ITGD) होर्मुज में जल्द पूरी तरह एनर्जी सप्लाई फिर बहाल हो सकती है. (Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:15 AM IST

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जल्द ही ग्लोबल एनर्जी सप्लाई एक बार फिर बहाल हो सकती है. मंगलवार को दो फंसे हुए सुपरटैंकर इस रास्ते से सुरक्षित गुजरे हैं. इसके साथ ही, कतर के 7 खाली LNG टैंकर भी पिछले कुछ हफ्तों में इस क्षेत्र में दाखिल हुए हैं. इससे खाड़ी देशों से गैस की शिपिंग फिर से पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं.

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शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरान से जुड़े टैंकरों की आवाजाही भी लगातार जारी है. सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने के साथ ही जहाजों का ट्रैफिक काफी बढ़ गया. 

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध फिर से शुरू करने की धमकी दी थी. वहीं, ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया था, जिसेके बाद जहाजों की आवाजाही कम हो गई थी.

ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों का रोडमैप

ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता में दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते के रोडमैप पर सहमत हुए. इसके अलावा, अमेरिका ने प्रतिबंधों पर 21 अगस्त तक छूट देने का ऐलान किया. इससे ग्लोबल ऑयल और एलएनजी सप्लाई पर राहत मिली है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें भी कम हुई हैं,

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विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध की शुरुआत से खाड़ी में फंसे कच्चे तेल के और भी जहाजों के अब बाहर निकलने की उम्मीद है.

ताइवानी सरकारी ऊर्जा फर्म CPC  चार्टर किए गए 'वेरी लार्ज क्रूड कैरियर' 'दुबई एनर्जी' ने रात भर में इस स्ट्रेट को पार कर लिया. ये जहाज अबू धाबी और सऊदी अरब का 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर ताइवान के काऊशुंग की तरफ बढ़ रहा है. हालांकि, सीपीसी ने इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है.

इसके अलावा, दक्षिण कोरियाई रिफाइनर GS Caltex के चार्टर किए गए एक सुपरटैंकर 'यूनिवर्सल ग्लोरी' ने भी मंगलवार को 20 लाख बैरल सऊदी कच्चे तेल के साथ इस रास्ते को पार किया. वहीं, दो प्रतिबंधित स्वेजमैक्स टैंकर- 'सोबार' और 'सराक' भी मंगलवार को स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे.

कतर के LNG टैंकरों की वापसी

वोर्टेक्स और केंटर के शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि 11 जून से 22 जून के बीच कतर एनर्जी के 7 खाली टैंकर दोबारा लोड होने के लिए खाड़ी में पश्चिम की तरफ बढ़े. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद से ये ऐसी पहली यात्रा है. इनमें से चार टैंकर- वादी अल सेल, मेकेनेस, अल साद और मेसैसमीर सोमवार को ईरानी रास्ते से स्ट्रेट में दाखिल हुए. हालांकि, कतर एनर्जी ने अभी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.

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कतर के टैंकर 'अल घशमिया' को आखिरी बार 9 जून को अंदर देखा गया था, जो बाद में 22 जून को स्ट्रेट के बाहर दिखाई दिया. इसके अलावा 'अल हमला', 'अल अरीश' और 'अल खुवैर' नाम के तीन टैंकरों ने अपने ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम को बंद करके यात्रा की थी, जो बाद में वापस ट्रैकिंग पर दिखाई दिए.

यह भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर ईरान-ओमान एकजुट, नेविगेशन की आजादी को बताया जरूरी

कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विश्लेषक विवेक धर ने कहा, 'युद्ध शुरू होने के बाद से ये इस रास्ते से गुजरने वाले खाली एलएनजी जहाजों की सबसे बड़ी संख्या है. कई खाली एलएनजी टैंकर भी कतर जा रहे हैं. ये डेटा पुष्टि करता है कि कतर एनर्जी अपनी एलएनजी प्रोडक्शन बढ़ाने की समय-सीमा को पूरा करेगी.'

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