ईरान के कैंसर हॉस्पिटल में बच्चों का कीमो चल रहा था, तभी US ने किया अटैक!

अमेरिका ने इस बार ईरान के कई नागरिक ठिकानों पर हमला किया है. ऐसे ही एक हमले में अमेरिका ने ईरान के कैंसर अस्पताल पर हमला किया. उस वक्त अस्पताल में 211 बच्चों की कीमोथेरेपी हो रही थी.

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अमेरिका के इस अटैक को ईरान ने कायरतापूर्ण कहा है. (Photo:X/Farsnews) अमेरिका के इस अटैक को ईरान ने कायरतापूर्ण कहा है. (Photo:X/Farsnews)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

अमेरिकी हमले के बीच ईरान अपने वजूद के संकट से गुजर रहा है. बुधवार रात को ईरान पर अमेरिका ने कई हमले किए. इन हमलों का निशाना ईरान के कैंसर हॉस्पिटल बने. ईरान में तो स्थिति ऐसी रही कि कीमोथेरेपी करवा रहे बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल से भागना पड़ा. ये कहानी ईरान के शाहिद बकाई अस्पताल की है. जहां बुधवार रात अस्पताल में कई बच्चों की कीमोथेरेपी चल रही थी. तभी अमेरिका का हमला शुरू हो गया. इसके बाद तो अस्पताल में कोहराम मच गया. 

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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इस मुद्दे पर अमेरिका की तीखी आलोचना की है और अमेरिकियों को कायर कहा है. गुरुवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि बच्चों के कैंसर के इलाज के केंद्र शाहिद बकाई अस्पताल को रात में अचानक खाली कराना पड़ गया. क्योंकि अमेरिका ने वहां हमला शुरू कर दिया. 

उन्होंने कहा कि इस हमले से मरीजों में बहुत घबराहट फैल गई, स्थिति ऐसी थी कि कई मरीज जो जिंदगी और मौत के बीच थे उनका इलाजा प्रभावित हो गया. एक समय तो उनका इलाज ही रुक गया. 

अस्पताल प्रशासन के द्वारा इलाज के बावजूद भी अमेरिकी हमले जारी रहे. इसके बाद स्थिति को देखते हुए कीमोथेरेपी करवा रहे 211 मरीजों को इमरजेंसी सिचुएशन में अस्पताल से बाहर निकाला गया. 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, "यह बर्बर हमला जो हेल्थकेयर सुविधाओं के खिलाफ़ इज़रायल के अत्याचारों की याद दिलाता है, अस्पताल में भर्ती बच्चों के लिए बहुत ज़्यादा तकलीफ़ और चिंता का कारण बना और कीमोथेरेपी करवा रहे 211 मरीज़ों को इमरजेंसी में बाहर निकालने पर मजबूर कर दिया."

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"यह सबसे मासूम इंसानों, यानी अपनी ज़िंदगी के लिए बहादुरी से लड़ रहे बच्चों के खिलाफ़ एक कायरतापूर्ण युद्ध अपराध है." 

उन्होंने उन सरकारों की भी आलोचना की जो मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा चुनिंदा तौर पर करती हैं. 

"जो लोग लगातार मानवाधिकारों की बातें करते हैं, फिर भी अस्पतालों और हेल्थ सेंटरों को निशाना बनाए जाने पर जान-बूझकर आंखें मूंद लेते हैं, उन्होंने अपनी हर तरह की नैतिक विश्वसनीयता खो दी है."

अहवाज़ के निवासियों ने बताया कि बुधवार रात कई धमाकों की आवाज सुनी गई, जब अमेरिकी हमलों ने दक्षिण-पश्चिमी ईरानी शहर के कई हिस्सों को निशाना बनाया, जिसमें अस्पताल के पास के इलाके भी शामिल थे. 

मेहर न्यूज एजेंसी ने इस अस्पताल की कुछ तस्वीरें जारी की हैं. इसमें हमले के बीच इस अस्पताल से मरीजों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की तस्वीरें है. अफरा-तफरी की हालत में लोगों बेड से उठाकर दूसरे जगहों पर ले जाया जा रहा है. 

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