ईरान पर सोमवार को दूसरी बार हमला हुआ है. ईरान बंदर अब्बास और केशम पोर्ट के पास एक बार फिर से धमाके हुए हैं. बंदर अब्बास और केशम आईलैंड के पास आज दिन में दूसरी बार धमाका हुआ है. ये जानकारी ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने दी है. ईरान और अमेरिका के बीच जंग एक बार फिर से भड़क चुकी है. दोनों ही ओर से एक दूसरे के टारगेट पर हमला किया जा रहा है.
इससे पहले अमेरिका सेना ईरान में इन ठिकानों को निशाना बनाया था. ईरान की मीडिया IRIB ने आज सुबह ही कहा था कि दुश्मन के मिसाइलों ने मशहर, जस्क, सिरिक, बंदर अब्बास और केशम पोर्ट को निशाना बनाया है.
इसके बाद ये हमला हुआ है. ताजा अमेरिकी हमले में ईरान में 2 लोग मारे गए हैं, जबकि 3 लोग घायल हो गए हैं. अमेरिकी हमलों में ईरान के अबदान में तीन जगहों पर मिसाइलें गिरीं. खुजेस्तान के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि सोमवार को स्थानीय समय के अनुसार 1.45 बजे अबदान सिटी को निशाना बनाया गया है. इसमें 2 लोगों की मौत हुई है.
मेहर की समाचार रिपोर्ट में कहा गया है, "पिछले कुछ रातों में अमेरिकी आतंकवादी ताकतों ने देश के दक्षिणी तट पर हमले किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई मछुआरों और देश की रक्षा करने वालों की शहादत हुई है."
इस हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, ओमान, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. इस हमले में फ्यूल डिपो, गोला-बारूद के बंकर, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन कमांड सेंटर नष्ट कर दिए गए.
IRGC ने इन हमलों के बारे में तीन अलग-अलग बयान जारी किए. उन्होंने कहा कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक टकराव के बाद ईरानी तटीय ठिकानों पर अमेरिकी हमलों का जवाब थे.
पहले चरण में IRGC ने कहा कि उन्होंने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर कई बड़े मिसाइल डिपो और फ्यूल स्टोरेज टैंकों में आग लगा दी. दूसरे चरण में IRGC एयरोस्पेस फोर्सेज ने बहरीन के शेख ईसा स्थित अमेरिकी बेस पर हेलीकॉप्टर रखरखाव और मरम्मत केंद्रों, P-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर हमला किया.
अमेरिका और ईरान के बीच की ये ताजा लड़ाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जे को लेकर है. सोमवार को अमेरिका और ईरान दोनों ने दावा किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण है. यह दावा पूरे मध्य पूर्व में सप्ताहांत में हुए हमलों के बाद किया गया, जिससे युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों पर और खतरा मंडराने लगा है.
ये हमले तब शुरू हुए जब ईरान ने रविवार को ओमान के तट के पास इस स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया. इन हमलों ने एक बार फिर यह बात साफ कर दी कि यह जलमार्ग बातचीत में एक अहम मुद्दा बना हुआ है.
युद्ध शुरू होने के बाद से ही फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने पर जहाजों की आवाजाही में रुकावट आ रही है, क्योंकि ईरान ने इसके आसपास कमर्शियल जहाजों पर हमले करके और शिपिंग कंपनियों को डरा-धमकाकर इस पर अपनी पकड़ बनाए रखी है.
ईरान और अमेरिका उस 60-दिन के अंतरिम समझौते की लगभग आधी अवधि पूरी कर चुके हैं, जिसका मकसद युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करना था. इसके बजाय स्थिति ऐसी हो गई है कि इस जलडमरूमध्य और इसके भविष्य को लेकर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे दुनिया के नेताओं को चिंता सता रही है कि ईरान के साथ युद्ध फिर से पूरी तरह शुरू हो सकती है.
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