ईरान ने छह बांग्लादेशी जहाजों को होर्मुज में दी हरी झंडी! फिर जमकर सुना क्यों दिया

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच आयात पर निर्भर बांग्लादेश में तेल और गैस की भारी कमी हो गई है. बांग्लादेश का पेट्रोलियम भंडार तेजी से घट रहा है जिसे देखते हुए उसने ईरान से अनुरोध किया था कि होर्मुज के पास फंसे उसके जहाजों को गुजरने की इजाजत दी जाए. ईरान ने इजाजत तो दी है लेकिन अपनी नाराजगी भी दिखा दी है.

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ईरान ने बांग्लादेश के छह जहाजों को होर्मुज से गुजरने की छूट दी है (File Photo: Reuters) ईरान ने बांग्लादेश के छह जहाजों को होर्मुज से गुजरने की छूट दी है (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:29 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने बुधवार को बांग्लादेश के छह तेल और गैस कार्गो जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है. ईरान ने कहा कि उसकी सुरक्षा परिषद ने बांग्लादेश के जहाजों को मंजूरी दी है. लेकिन इसके साथ ही ईरान ने बांग्लादेश को अपनी नाराजगी भी दिखा दी और कहा कि अमेरिकी हमलों को लेकर उसकी प्रतिक्रिया से वो खुश नहीं है.

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बांग्लादेश बहुत हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से उसका पेट्रोलियम भंडार तेजी से खाली हो रहा है. इन हालातों में बांग्लादेश ने ईंधन बचाने के मकसद से कई कदम उठाए हैं जिनमें देश की सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी को सप्लाई पूरी होने तक बंद करना शामिल है. ऐसे में बांग्लादेश को ईरान ने बड़ी राहत देते हुए उसके तेल और गैस जहाजों को होर्मुज से क्लियरेंस दे दी है.

बांग्लादेश में कतर से पांच एलएनजी कार्गो और सऊदी अरब से एक कच्चे तेल का कार्गो आ रहा है. पांच कार्गो में करीब 5 लाख टन एलएनजी और एक कार्गो में लगभग 79,000 टन कच्चा तेल लदा है और ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करने का इंतजार कर रहे हैं.

ढाका में ईरान के राजदूत जलिल रहीमी जहानाबादी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ईरान नहीं चाहता कि बांग्लादेश के लोगों को किसी तरह की परेशानी हो और वो होर्मुज के रास्ते ईंधन के परिवहन के लिए हर जरूरी मदद देगा.'

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बांग्लादेश ने ईरान से की थी रिक्वेस्ट

बांग्लादेश ने अपने फंसे जहाजों को होर्मुज से निकालने के लिए ईरान से अनुरोध किया था. 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले शुरू हुए थे. इन हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया. यह स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है जहां से कुल तेल व्यापार का 20% हिस्सा गुजरता है.

यह संकरा समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है.

फिलहाल यह मार्ग लगभग बंद है, जिससे रोजाना गुजरने वाले सैकड़ों जहाजों, जिनमें कंटेनर, ड्राई बल्क और लिक्विड कार्गो जहाज शामिल हैं, की आवाजाही लगभग ठप हो गई है.

ईरान ने जहाजों को होर्मुज से गुजरने की मंजरी दी फिर जताई नाराजगी

ईरान ने बांग्लादेश जा रहे जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत तो दे दी लेकिन साथ ही बांग्लादेश के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है. ईरानी राजदूत ने अपने देश पर हुए इजरायल-अमेरिका हमलों को लेकर बांग्लादेश की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर निराशा भी जताई. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने चिंता तो जाहिर की, लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले इस हमले की स्पष्ट निंदा नहीं की.

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जहानाबादी ने यह भी कहा कि अमेरिका के पिछले प्रशासन ने इजरायल के 'जाल में फंसने' से बचने को कहा था लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रभाव और उकसावे में आकर पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक दिया.

संबंधित अधिकारियों के अनुसार बांग्लादेश के पास इस समय एक महीने से भी कम का ईंधन भंडार बचा है. ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अभी तक ईरान से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है, लेकिन हालात सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं.

राजदूत ने कहा कि ढाका स्थित ईरानी दूतावास ने बांग्लादेश में लोगों को हो रही दिक्कतों की जानकारी और तस्वीरें ईरान भेजी हैं. पिछले हफ्ते ऊर्जा विभाग ने विदेश मंत्रालय को छह जहाजों की विस्तृत सूची भी सौंपी थी.

राजदूत ने बताया कि ईरान को पहले बांग्लादेश के फंसे हुए जहाजों की जानकारी नहीं थी. बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. उसकी लगभग एक-चौथाई प्राकृतिक गैस की मांग और लगभग पूरा कच्चा व रिफाइंड तेल आयात से आता है.

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