ईरान में अब तक 555 मौतें... अली लारीजानी बोले- 'ट्रंप ने पूरे इलाके को संकट में डाल दिया'

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि जवाबी कार्रवाई कर रहा है. वहीं, IRGC ने इजरायल को धमकी दी कि अब वहां सायरन की आवाजें कभी बंद नहीं होंगी.

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ईरान ने कहा कि वो सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है. (File Photo: Reuters) ईरान ने कहा कि वो सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:10 PM IST

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का बयान सामने आया है. उनके मुताबिक ईरान ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की है, वो सिर्फ जवाबी कार्रवाई कर रहा है.

रेड क्रिसेंट की मानें तो अमेरिका और इजरायल के हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक ईरान में 555 लोग मारे गए हैं. इस बीच लारीजानी ने मिडिल-ईस्ट की मौजूदा परिस्थितियों का जिम्मेदार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को  ठहराया है.

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अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ट्रंप ने अपने मकसद को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र को अशांति में धकेल दिया और अब उन्हें अमेरिकी सैनिकों की और ज्यादा जान-माल के नुकसान की चिंता सता रही है.'

'अमेरिका फर्स्ट' को 'इजरायल फर्स्ट' में बदला!

लारीजानी ने आगे आरोप लगाया कि ट्रंप ने गलत तरीके से अपने स्वघोषित नारे 'अमेरिका फर्स्ट' को 'इजरायल फर्स्ट' में बदल दिया. उनके मुताबिक ट्रंप ने इजरायल की सत्ता हासिल करने के लिए अमेरिकी सैनिकों की बलि चढ़ा दी. 

'ईरान अपनी रक्षा कर रहा है...'

ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने लिखा, 'नए मनगढ़ंत आरोपों के साथ वो एक बार फिर अपने व्यक्तित्व-पूजा का बोझ अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवारों पर डाल रहे हैं. आज ईरानी राष्ट्र अपनी रक्षा कर रहा है. ईरान के सशस्त्र बलों ने आक्रमण की शुरुआत नहीं की.'

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IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 पर दिया अपडेट

वहीं, ईरान की IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के बारे में अपना नौवां बयान भी जारी किया है. बयान के मुताबिक दसवीं लहर ने खैबर मिसाइलों के हमले से कब्जे वाले क्षेत्रों पर भीषण गोलाबारी की है. IRGC ने बताया कि इस हमले में खास तौर पर तेल अवीव में जायोनी शासन के सरकारी परिसर, हाइफा में सैन्य और सुरक्षा केंद्रों और पूर्वी अल-कुद्स के ठिकानों को निशाना बनाया गया.

यह भी पढ़ें: 'लड़ाई तुरंत रोकिए...', इजरायल-अमेरिका-ईरान को चीन का दो टूक मैसेज

'इजरायल में सायरन की आवाजें कभी बंद नहीं होंगी'

IRGC ने इजरायली बस्तियों में बसने वालों को चेतावनी देते हुए कहा, हम कब्जे वाले क्षेत्रों के निवासियों को सैन्य ठिकानों, सुरक्षा केंद्रों और सरकारी सुविधाओं से दूर रहने और तुरंत कब्जे वाले क्षेत्रों को छोड़ने की सलाह देते हैं. IRGC ने दावा किया कि अब इजरायल में सायरन की आवाजें कभी बंद नहीं होंगी.

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