ट्रंप के खिलाफ खुफिया जानकारी दबाने का था दबाव, अधिकारी ने किए खुलासे

मर्फी ने अपनी शिकायत में पूर्व डीएचएस सेक्रेटरी कर्स्टन निलसन, मौजूदा कार्यकारी सचिव चैड वोल्फ और उनके डिप्टी केन कुस्सीनेल्ली पर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उनके खिलाफ बराबर दबाव बनाया. खुफिया जानकारी में बदलाव के लिए दबाव बनाया गया जो ट्रंप प्रशासन को मदद करे या राष्ट्रपति के खिलाफ किसी भी सूरत में न जाए.

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राष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्रपति ट्रंप

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST
  • जानकारी नहीं बदलने पर पद घटाया
  • ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों पर आरोप
  • प्रवासियों की संख्या बढ़ा कर दिखाने का दबाव

अमेरिका के गृह सुरक्षा (होमलैंड सिक्योरिटी) विभाग के एक अधिकारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. अधिकारी ने कहा है कि उस पर राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़ी खुफिया जानकारी दबाने के लिए दबाव बनाया गया. इसमें रूस से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप पाना चाहते थे.

अधिकारी का नाम ब्रायन मर्फी है जिसने अपनी शिकायत होमलैंड सिक्योरिटी के इंस्पेक्टर जनरल को दी है. मर्फी का आरोप है कि अवैध तरीके से खुफिया जानकारी बदलने के लिए उस पर दबाव बनाया गया. मर्फी ने ऐसा नहीं किया तो उसका पद घटा दिया गया. ब्रायन मर्फी पूर्व में एफबीआई एजेंट और मरीन कोर में भी अपनी सेवा दे चुके हैं. ऑफिस ऑफ इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस विभाग में मर्फी प्रिंसिपल डिप्टी अंडर सेक्रेटरी रह चुके हैं. इस साल अगस्त महीने में डीएचएस मैनेंजमेंट विभाग में पद घटाकर उन्हें असिस्टेंट बना दिया गया. 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि मर्फी हाल की घटना से पहले मर्फी का करियर बेहद अच्छा था और अमेरिकी सरकार में उनके खिलाफ कभी निगेटिव रिपोर्ट नहीं आई. मर्फी ने अपनी शिकायत में पूर्व डीएचएस सेक्रेटरी कर्स्टन निलसन, मौजूदा कार्यकारी सचिव चैड वोल्फ और उनके डिप्टी केन कुस्सीनेल्ली पर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उनके खिलाफ बराबर दबाव बनाया. खुफिया जानकारी में बदलाव के लिए दबाव बनाया गया जो ट्रंप प्रशासन को मदद करे या राष्ट्रपति के खिलाफ किसी भी सूरत में न जाए.

मर्फी ने आरोप लगाया है कि उस पर इस बात के लिए भी दबाव बनाया गया कि आतंकी घटनाओं से जुड़े प्रवासियों की संख्या को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जाए जो दक्षिण-पश्चिम बॉर्डर पर हिरासत में लिए गए हैं. मर्फी ने कहा कि उन्होंने गलत तरीके से संख्या बढ़ाचढ़ा कर कांग्रेस के समक्ष पेश किया. शिकायत की यह कॉपी बुधवार को जारी हुई है. समाचार एजेंसी एपी ने डीएचएस से इस पर प्रतिक्रिया मांगी लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया है.

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