दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह में जारी तनाव के बीच एक बड़ा हमला सामने आया है. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल्लाह ने इजरायली सैनिकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमला कर दिया, जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
जानकारी के मुताबिक, यह घटना लेबनान के तैयबेह इलाके में हुई, जहां इजरायली सेना की 77वीं बटालियन का एक टैंक तकनीकी खराबी के कारण फंस गया था. सैनिक टैंक को ठीक करने में लगे थे, तभी हिज्बुल्लाह ने विस्फोटकों से लैस ड्रोन से हमला कर दिया. यह ड्रोन सैनिकों के पास आकर फटा, जिससे मौके पर मौजूद जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.
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हमले के बाद घायलों को निकालने के लिए इजरायली वायुसेना का हेलीकॉप्टर भेजा गया. लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी हिज्बुल्लाह ने हमला जारी रखा. रिपोर्ट के मुताबिक, दो और ड्रोन दागे गए, जिनमें से एक को इजरायली सैनिकों ने हवा में ही मार गिराया, जबकि दूसरा हेलीकॉप्टर और सैनिकों के बेहद करीब जाकर फटा. हालांकि इस दूसरे धमाके में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ.
इजरायली सेना (आईडीएफ) के मुताबिक, इस हमले में एक सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अधिकारी और तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए. इनके अलावा दो सैनिकों को मामूली चोट आई.
हिज्बुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा युद्धविराम उल्लंघन के जवाब में की गई है. संगठन ने हाल के समय में छोटे और अत्याधुनिक एफपीवी ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है, जो सीधे लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम होते हैं.
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बताया जा रहा है कि कुछ ड्रोन फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए नियंत्रित किए जाते हैं, जिससे उन्हें इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के जरिए रोकना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि ऐसे हमले ज्यादा सटीक और खतरनाक साबित हो रहे हैं. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम बढ़ाया गया था, लेकिन इसके बावजूद सीमा पर झड़पें जारी हैं.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क