रूस-यूक्रेन सीजफायर पर ट्रंप का यू-टर्न... बोले, पुतिन-जेलेंस्की पहले खुद करें आमने-सामने बातचीत

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस-यूक्रेन शांति वार्ता से खुद क पीछे हटा लिया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप चाहते हैं कि पहले रूस और यूक्रेन बिना अमेरिका की मध्यस्था के मिलें. इसके बाद त्रिपक्षीय वार्ता होगी.

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डोनाल्ड ट्रंप, जेलेंस्की और पुतिन. (Photo: ITG) डोनाल्ड ट्रंप, जेलेंस्की और पुतिन. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 22 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में सीधे हस्तक्षेप से पीछे हटने का फैसला किया है. अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप रूसी राष्ट्रपति और जेलेंस्की पहले एक-दूसरे से बिना अमेरिकी मध्यस्थता के मिलने देना चाहते हैं.

द गार्जियन द्वारा उद्धृत प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप ने अगले चरण की शांति वार्ता में सीधे शामिल ना होने का फैसला किया है. इसके बजाय वे चाहते हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पहले एक-दूसरे से बिना अमेरिकी मध्यस्थता के मिलें.

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एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रंप की नज़र में यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का अगला चरण व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय बैठक है. ये बैठक वास्तव में होगी या नहीं, यह अनिश्चित है.'

'मैं देखना चाहता हूं'

ट्रंप ने WABC रेडियो के होस्ट मार्क लेविन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, 'मैं बस यह देखना चाहता हूं कि बैठक में क्या होता है. वह दोनों नेताओं की द्विपक्षीय वार्ता की तैयारी में जुटे हुए हैं.'

अधिकारियों ने द गार्जियन को बताया कि ट्रंप ने अपने सलाहकारों को निर्देश दिया है कि वह खुद शामिल होने वाली किसी भी त्रिपक्षीय बैठक से पहले पुतिन और जेलेंस्की की बैठक हो. ये रणनीति ट्रंप के चुनावी वादों से अलग है, जिसमें उन्होंने त्वरित सफलता का दावा किया था.

वेंट एंड वॉच

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वहीं, एक सूत्र ने इसे इंतजार और देखने की रणनीति करार दिया है. इस बीच पेंटागन यूरोप को आश्वस्त करने में जुटा है कि यूक्रेन के लिए किसी भी भविष्य के सुरक्षा समझौते में अमेरिका की सैन्य भूमिका सीमित रहेगी. नीतिगत मामलों के लिए रक्षा उपसचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने इस हफ्ते यूरोपीय सैन्य नेताओं के साथ मुलाकात की और इस बिंदु पर जोर दिया.

पेंटागन के प्रेस सचिव किंग्सले विल्सन ने कहा कि कोल्बी का संदेश स्पष्ट था: वह वहां यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी से संबंधित राष्ट्रपति ट्रंप और सचिव हेगसेथ के मार्गदर्शन को प्रसारित करने और ये सुनिश्चित करने के लिए थे कि चर्चा में इस मामले पर राष्ट्रपति ट्रंप के बयान प्रतिबिंबित हों.

'युद्ध के बाद नहीं भेजे जाएंगे सैनिक'

इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने खुद स्पष्ट किया कि रूस के युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी भी संभावित समझौते के तहत अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेन नहीं भेजा जाएगा.

फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'आपको मेरा आश्वासन है और मैं राष्ट्रपति हूं. ट्रंप का ये बयान व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ घंटों की चर्चा के बाद आया था.'

इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन से मांग कर रहे हैं कि वह पूर्वी डोनबास क्षेत्र को छोड़ दे, NATO में शामिल होने की महत्वाकांक्षा को दिमाग से निकाल दें, तटस्थ रहे और पश्चिमी सैनिकों को देश से बाहर रखे.

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बता दें कि रूसी राष्ट्रपति ने चार सालों से ज्यादा वक्त के बाद पहली बार रूस- अमेरिका शिखर बैठक के लिए शुक्रवार को अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और अपनी तीन घंटे की बंद बैठक में उन्होंने यूक्रेन पर समझौते के बारे में चर्चा की.

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