'अमेरिका-ईरान समझौते के करीब...', ट्रंप ने बताया कब तक खुल जाएगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज!

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दोनों देश युद्ध खत्म करने के समझौते के बेहद करीब हैं. दूसरी ओर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान अमेरिका पर भरोसा नहीं करता और अपने राष्ट्रीय अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ शांति समझौते पर बहुत जल्द बात बन जाएगी. (Photo: AP) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ शांति समझौते पर बहुत जल्द बात बन जाएगी. (Photo: AP)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 24 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:02 AM IST

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं. उन्होंने संकेत दिया कि रविवार तक यह फैसला हो सकता है कि तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जाए या नहीं. सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि संभावित समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाएगा और उसके संवर्धित यूरेनियम का संतोषजनक समाधान किया जाएगा. 

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उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ वही समझौता साइन करूंगा जिसमें अमेरिका की सभी मांगें पूरी हों.' रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने, विदेशी बैंकों में फंसी ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं. ट्रंप ने न्यूज आउटलेट Axios से कहा कि वह अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल हो सकते हैं. 

अमेरिका-ईरान बातचीत में अच्छी प्रगति

ट्रंप ने कहा कि वह अपने सलाहकारों के साथ होने वाली इस बैठक में ईरान के नए प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे और उसके बाद तय करेंगे कि युद्ध दोबारा शुरू करना है या नहीं. इस बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, जो दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं, शनिवार को तेहरान से रवाना हो गए. उन्होंने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश की. पाकिस्तान ने कहा कि शांति समझौते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में उत्साहजनक प्रगति हुई है, हालांकि समझौता अभी अंतिम रूप में नहीं पहुंचा है.

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, 'या तो अच्छा समझौता होगा या फिर मैं उन्हें जहन्नुम में भेज दूंगा.' अस्थायी युद्धविराम लागू होने के छह सप्ताह बाद से ट्रंप लगातार कूटनीति और सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बीच संतुलन बनाते रहे हैं. यह युद्धविराम ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को खोलने पर बातचीत के लिए लागू किया गया था. सीबीएस न्यूज से ट्रंप ने कहा कि बातचीत हर दिन बेहतर हो रही है, लेकिन उन्होंने समझौते की विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया.

समझौता नहीं हुआ तो ईरान भुगतेगा: ट्रंप

सूत्रों के अनुसार ट्रंप अभी कई प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं और अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. वह लगातार अपने सलाहकारों और सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं वह ईरान वार्ता पर चर्चा के लिए कई खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत करने वाले हैं. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने कहा, अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर ऐसा असर पड़ेगा जैसा किसी देश पर पहले कभी नहीं पड़ा.'

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इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि बिना समझौते के 'पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है' और हाल ही में उन्होंने कहा था कि 'ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है.' अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए कि अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा ऐलान हो सकता है. नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'कुछ प्रगति हुई है और इस वक्त भी बातचीत जारी है. संभव है कि आज, कल या अगले कुछ दिनों में हमारे पास कुछ कहने के लिए हो.'

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ईरान को अमेरिका पर नहीं है कोई भरोसा

इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात में कहा कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है और वह अपने राष्ट्रीय अधिकारों से कभी पीछे नहीं हटेगा. कलीबाफ ने कहा, 'हम अपने देश और जनता के अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे, खासकर ऐसे पक्ष के सामने जो पूरी तरह बेईमान है और जिस पर हमें बिल्कुल भरोसा नहीं.' उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के मैदान में मजबूती से आत्मरक्षा कर रहा है और कूटनीतिक मोर्चे पर भी राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा.

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ईरानी संसद के अध्यक्ष कलीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि जब बातचीत जारी थी तब उसी ने युद्ध छेड़ा और अब वही संघर्ष खत्म करने के लिए वार्ता की बात कर रहा है. उन्होंने कहा, 'हम युद्धविराम में थे, जिसे पाकिस्तान ने कराया था, लेकिन अमेरिका ने अपना वादा तोड़ा, होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की और अब उसे हटाने की कोशिश कर रहा है.'

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